अजयारविंद नामदेव, शहडोल। जिले की सोन और मुड़ना नदियों में प्रदूषण और इससे बैगा आदिवासी परिवारों के प्रभावित होने की शिकायत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने गंभीरता दिखाई है। आयोग ने मामले में मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष और शहडोल कलेक्टर को कार्रवाई कर चार सप्ताह के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। यह मामला केस नंबर 3708/12/41/2025 के तहत दर्ज है।
शहडोल निवासी अशोक पटेल की शिकायत पर आयोग ने 11 अगस्त 2026 को मामले पर विचार किया, शिकायत में सोन और मुड़ना नदियों में गंभीर पर्यावरणीय प्रदूषण का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, इसका असर 1,200 से अधिक बैगा आदिवासी परिवारों के स्वास्थ्य, आजीविका और सम्मानजनक जीवन पर पड़ रहा है।
शिकायत में अल्ट्राटेक सीमेंट से औद्योगिक अपशिष्ट नदी में पहुंचने, CSR से जुड़े कथित दावों और प्रदूषण संबंधी रिपोर्टों की जांच नहीं होने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने इसे आदिवासी परिवारों के स्वास्थ्य और जीवन के अधिकार से जोड़ते हुए संविधान के अनुच्छेद 21 का हवाला दिया है।
NHRC ने शिकायत की प्रति मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष और शहडोल जिला मजिस्ट्रेट को भेजते हुए मामले में आवश्यक कार्रवाई करने और रिपोर्ट अंग्रेजी में आयोग को चार सप्ताह के भीतर भेजने को कहा है।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि संबंधित अधिकारी अपनी कार्रवाई और जवाब HRCNet पोर्टल के माध्यम से प्रस्तुत करें, आयोग के निर्देश के बाद अब निगाह प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जांच और कार्रवाई पर है।
मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें नदी प्रदूषण के साथ बड़ी संख्या में बैगा परिवारों के स्वास्थ्य और आजीविका पर असर पड़ने का दावा किया गया है। अब संबंधित विभागों की जांच और ATR से यह स्पष्ट होगा कि शिकायत पर क्या कार्रवाई की गई।

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