अमृतसर. श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार, सिंह साहिब ज्ञानी रघबीर सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर ज्ञानी हरप्रीत सिंह के समर्थन में लिखा कि हाल ही में जो घटनाएं हुई हैं, मैं उन्हें गंभीरता से देख रहा हूं। इन परिस्थितियों ने मेरे मन को गहरा आघात पहुंचाया है।
तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी हरप्रीत सिंह को पद से हटाने की प्रक्रिया और उसके पीछे दिए गए कारण पूरी तरह अनुचित हैं। 2 दिसंबर 2024 को श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा पंथक परंपराओं और भावनाओं को ध्यान में रखकर जो निर्णय लिए गए थे, उसके बाद से ही ऐसा लगने लगा था कि सिंह साहिबान के खिलाफ योजनाबद्ध तरीके से माहौल बनाया जा रहा है।
ज्ञानी हरप्रीत सिंह के खिलाफ 18 साल पुराने पारिवारिक मामले को गलत तरीके से प्रस्तुत कर मीडिया ट्रायल चलाया गया। इस संदर्भ में, बतौर जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब, मैंने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) द्वारा जांच समिति गठित करने के समय भी कहा था कि यह तरीका सही नहीं है।

अकाल तख्त कर सकता है जांच – जत्थेदार
यदि किसी भी तख्त साहिब के जत्थेदार के खिलाफ किसी प्रकार की जांच की आवश्यकता होती है, तो इसका अधिकार केवल श्री अकाल तख्त साहिब को ही है। सिंह साहिब ज्ञानी हरप्रीत सिंह को इस तरह पद से हटाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। जत्थेदारों को अपमानित कर इस तरह सेवा मुक्त करना निंदनीय और पंथ के लिए हानिकारक है।
ज्ञानी रघबीर सिंह ने कहा, “एक बार फिर अपनी अंतरात्मा से कहना चाहता हूं कि सिंह साहिब ज्ञानी हरप्रीत सिंह को सेवा मुक्त करना अत्यंत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय है, जो तख्त साहिबानों की स्वतंत्र पहचान को भी नुकसान पहुंचाने वाला है।”
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