सिद्धार्थ शरद/वैशाली। देश की सरहदों की रक्षा करने वाले जांबाज अक्सर चुपचाप विदा हो जाते हैं, लेकिन उनकी यादें समाज को हमेशा झकझोर कर रख देती हैं। कुछ ऐसा ही हृदयविदारक मंजर वैशाली जिले के बिदुपुर प्रखंड स्थित शीतलपुर चकमैगर गांव में देखने को मिला। आईटीबीपी (इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस) की 69वीं बटालियन में तैनात जवान समरजीत सिंह का पार्थिव शरीर शुक्रवार को जब उनके पैतृक गांव पहुंचा, तो पूरा इलाका गमगीन हो उठा।
तिरंगे के साथ भावभीनी विदाई
समरजीत के अंतिम दर्शन के लिए सुबह से ही लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। पकौली से शीतलपुर चकमैगर होते हुए नवानगर घाट तक का रास्ता ‘समरजीत अमर रहे’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंज उठा। सैकड़ों की संख्या में मौजूद युवाओं और ग्रामीणों ने तिरंगा हाथ में लेकर अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी। पूरा वातावरण देशभक्ति और दुख के मिश्रित भावों से ओत-प्रोत था।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
शहीद का शव जैसे ही उनके घर की दहलीज पर पहुंचा, वहां मौजूद हर किसी की आंखें छलक पड़ीं। पत्नी अन्नू सिंह का विलाप सुनकर पत्थर दिल भी पिघल गए। पांच साल की मासूम बेटी और बूढ़ी मां का क्रंदन देख लोग स्तब्ध थे। अंत में, शहीद के अबोध पुत्र ने पिता को मुखाग्नि दी। यह दृश्य अत्यंत मार्मिक था, जिसे देखकर वहां मौजूद प्रशासन के अधिकारी और ग्रामीण भी अपने आंसू नहीं रोक पाए।
छुट्टी का वादा अधूरा रह गया
परिजनों ने भारी मन से बताया कि समरजीत की 16 मई को शादी की सालगिरह थी। घर में जश्न की तैयारी थी और उनकी छुट्टी भी स्वीकृत हो चुकी थी। वे 16 मई को घर आने के लिए ट्रेन पकड़ने वाले थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। घटना वाले दिन वे अपने साथी को रेलवे स्टेशन छोड़ने गए थे, लेकिन उसके बाद उनका संपर्क टूट गया। रात साढ़े नौ बजे के बाद उनका फोन बंद हो गया और अगले दिन सीआरपीएफ कैंप के पास एक गड्ढे से उनका शव बरामद हुआ। यह असामयिक मृत्यु अब भी एक रहस्य बनी हुई है, जिसकी जांच जारी है।
प्रशासन और सेना ने दी सलामी
अंतिम संस्कार के दौरान जिला प्रशासन की ओर से बीडीओ कुमार मनीष भारद्वाज ने शहीद को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। आईटीबीपी की 6 बटालियन, पटना के कमांडर सूर्यनाथ यादव के नेतृत्व में जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी दी। नवानगर घाट पर राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई। इस दुखद घड़ी में पूरा वैशाली जिला शोकाकुल है और एक वीर सपूत की संदिग्ध मौत के कारणों का पता लगाने की मांग कर रहा है।

