Odisha Desk, पुरी: महाप्रभु श्री जगन्नाथ की वार्षिक रथयात्रा के समापन चरण में आज, शनिवार (25 जुलाई 2026) को पवित्र ‘सुनाबेश’ (सोना वेश) का आयोजन किया जा रहा है। हालांकि वर्ष भर में महाप्रभु का सुनाबेश 6 बार होता है, लेकिन सिंहद्वार के सामने खड़े रथों पर आयोजित होने वाला यह सुनाबेश सबसे आकर्षक और अलौकिक माना जाता है। इस दुर्लभ दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु पुरी धाम पहुँच रहे हैं।

स्वर्ण आभूषणों से सजेगा रथ

आज शाम जगत के नाथ भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और देवी सुभद्रा बहुमूल्य स्वर्ण आभूषणों से सुशोभित होकर रथों पर विराजमान भक्तों को दर्शन देंगे। मान्यता है कि रथ पर प्रभु के इस दिव्य रूप के दर्शन करने से कोटि जन्मों के पाप कट जाते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है।

सुनाबेश का समय और मुख्य नीतियाँ

सुबह 06:00 – 06:30
मंगला आरती (3 बार)

सुबह 08:00 – 09:00
अबकाश एवं वेश

पूर्वाह्न 11:00 – दोपहर 12:00
सकाल धूप

दोपहर 02:00 – 03:00
मध्याह्न धूप

शाम 05:00 – 06:30
सुनाबेश (स्वर्ण शृंगार)

रात 08:00 – 09:00
संध्या धूप

रात 10:00 – 11:00
सुनाबेश मैलम (आभूषण उतारना)

रात 12:00 – 12:30
बड़ासिंहार वेश एवं भोग

भोर 04:00 बजे
हरि शयन नीति एवं रात्रि पहुड़ा

सुरक्षा के कड़े इंतजाम:

लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए बड़डांड (रथ मार्ग) और मंदिर प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। भक्तों के सुचारू दर्शन के लिए विशेष पुलिस बल तैनात किया गया है।

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