Rajasthan News: राजस्थान की राजधानी जयपुर के बहुचर्चित अनु मीणा सुसाइड केस में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने आरोपी पति गौतम मीणा को गिरफ्तार कर लिया है। वह सरकार के लोक निर्माण विभाग (PWD) में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर है।

परिजनों की एफआईआर के पूरे 21 दिन बाद यह गिरफ्तारी हुई है। पुलिस की स्पेशल टीम ने आरोपी को उस वक्त दबोचा जब वह जयपुर लौटा था। इससे पहले वह पुलिस को छकाते हुए कई शहरों में फरारी काट रहा था।

वृंदावन के आश्रम में छिपा था आरोपी

सुसाइड के बाद आरोपी जयपुर से टोंक, अजमेर, नागौर होते हुए सीधे वृंदावन भाग गया था। वहां वह अपने गुरु जी के आश्रम में भेष बदलकर रह रहा था। फरारी के दौरान उसने अजमेर से एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर डाला था, जो खूब वायरल हुआ। वह शातिर तरीके से अपनी गाड़ी जयपुर में ही छोड़कर भाग गया था ताकि पुलिस उस तक न पहुंच पाए।

मानसरोवर एसीपी की टीम ने दबोचा

आरोपी की तलाश के लिए पुलिस पिछले 15 दिनों से लगातार पीछा कर रही थी। डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि मानसरोवर एसीपी आदित्य काकड़े के नेतृत्व में स्पेशल टीम बनाई गई थी। पुलिस टीम ने मोबाइल लोकेशन और तकनीकी सबूतों के आधार पर जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी जयपुर पहुंचा, स्पेशल टीम के मान सिंह, देवेंद्र और रामस्वरूप ने उसे दबोच लिया। आरोपी ने पत्नी के साथ मारपीट और बुरे बर्ताव की बात मान ली है।

क्या था पूरा मामला?

अनु मीणा ने इसी साल 7 अप्रैल को मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से तंग आकर खुदकुशी कर ली थी। सुसाइड करने से ठीक पहले अनु ने अपने पति को वीडियो कॉल भी किया था। परिजनों ने 15 मई को मुहाना थाने में दहेज और प्रताड़ना का केस दर्ज कराया था। परिजनों का आरोप था कि शादी के बाद से ही अनु को लगातार टॉर्चर किया जा रहा था। इसी से तंग आकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया।

अब आगे क्या करेगी पुलिस?

डीसीपी साउथ के मुताबिक पुलिस अब मामले की तह तक जाने में जुटी है। अनु और गौतम के मोबाइल फोन, व्हाट्सएप चैट और कॉल डिटेल्स को खंगाला जा रहा है। डिजिटल सबूतों की जांच के बाद इस केस में कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी।

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