Jaipur Murder Case: जयपुर में 3 जुलाई को नीरज शर्मा की कार से कुचलकर हुई हत्या के मामले में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इस घटना ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया है। पुलिस ने मृतक महिला की बेटी आयुषी और मोहन स्वरूप समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, आयुषी का चचेरा भाई बलराम शर्मा अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।

पिता की मौत की जांच की मांग

इस मामले में नया मोड़ तब आया जब पीड़िता के भाई राकेश शर्मा ने गंभीर आरोप लगाए। राकेश ने मांग की है कि पिछले साल हुई उनके जीजा विजय कुमार शर्मा की मौत की फिर से जांच हो। उनका आरोप है कि विजय कुमार की हत्या के पीछे भी उनकी बेटी आयुषी का ही हाथ हो सकता है।

पहले से ही था जान को खतरा

मृतक महिला नीरज शर्मा को अपनी बेटी से लगातार खतरा महसूस हो रहा था। पड़ोसियों का कहना है कि उन्होंने अपने घर को किले की तरह सुरक्षित कर लिया था। नीरज ने अपनी सुरक्षा के लिए घर में जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे। इसके बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी।

पुलिस की लापरवाही पर उठे सवाल

पीड़िता के भाई राकेश शर्मा ने स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर भी बड़े सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बहन ने अपने मकान पर अवैध कब्जे को लेकर सांगानेर थाने में शिकायत दी थी। पुलिस ने समय रहते कोई सख्त कदम नहीं उठाया। राकेश का मानना है कि अगर पुलिस उस वक्त कार्रवाई करती, तो शायद नीरज आज जीवित होतीं।

कैसे अंजाम दी गई वारदात?

स्थानीय लोगों के अनुसार, नीरज की कई महीनों से रेकी की जा रही थी। कुछ संदिग्ध लोग स्कॉर्पियो कार और बाइक पर अक्सर उनकी गली में देखे जाते थे। 03 जुलाई को नीरज अपने बेटे को छोड़ने के बाद घर लौट रही थीं। घर से मात्र 60 मीटर की दूरी पर स्कॉर्पियो कार ने उन्हें टक्कर मारी और कुचलकर मौत के घाट उतार दिया।

फिलहाल, आयुषी और उसके साथी पुलिस की हिरासत में हैं। पुलिस अब फरार चल रहे बलराम शर्मा की तलाश कर रही है। साथ ही, पिता की मौत के मामले में भी पुलिस जल्द ही पूछताछ शुरू कर सकती है।

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