Jaipur Wildlife News: राजस्थान की राजधानी जयपुर से वाइल्डलाइफ को लेकर एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। जहां पूरे प्रदेश में वन्यजीवों की गणना का काम तेजी से चल रहा है, वहीं जयपुर वाइल्डलाइफ डिवीजन इस मामले में बुरी तरह पिछड़ता नजर आ रहा है। आलम यह है कि गणना शुरू होने के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी विभाग अब तक आंकड़ों का संकलन (Compilation) नहीं कर पाया है। इस सुस्ती ने विभाग की साख पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

दोहरी जिम्मेदारी या लापरवाही का बोझ?
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस पूरी सुस्ती के पीछे एक बड़ी वजह मैनेजमेंट की कमी बताई जा रही है। दरअसल, जयपुर वाइल्डलाइफ और जयपुर वाइल्डलाइफ जू (Zoo), इन दोनों की कमान फिलहाल ओम प्रकाश शर्मा के पास है। जानकारों का कहना है कि दो-दो महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी एक ही कंधे पर होने की वजह से काम की रफ्तार धीमी पड़ गई है। नतीजा यह है कि 24 घंटे का समय बीतने के बाद भी विभाग के पास पुख्ता आंकड़े मौजूद नहीं हैं।
झालाना-नाहरगढ़ के आंकड़े अटके, कैमरे भी फेल?
जयपुर के जो इलाके पर्यटकों और वन्यजीव प्रेमियों की पहली पसंद हैं, वहीं से सबसे ज्यादा निराशाजनक खबरें आ रही हैं। झालाना और आमागढ़ के नाकों से आंकड़ों का संकलन अब तक अधूरा है। बीड़ पापड़ और नाहरगढ़ में भी वनकर्मी डेटा इकट्ठा करने में नाकाम रहे हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि फील्ड में लगे कैमरा ट्रैप में जो तस्वीरें आई हैं, वनकर्मी अब तक उनका मिलान (Matching) भी शुरू नहीं कर पाए हैं।
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