जालंधर में इंटरनेशनल बॉडी बिल्डर वरिंदर घुमन की कुछ माह पहले Fortis Hospital में इलाज के दौरान हुई मौत के मामले में गठित SIT की रिपोर्ट सामने आ गई है। परिवार का दावा है कि रिपोर्ट में मौत का कारण डॉक्टरों की लापरवाही बताया गया है। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद परिवार में नाराजगी देखने को मिल रही है।
वरिंदर के पिता ने बेटे की मौत को लेकर कहा कि वरिंदर ने चुनाव लड़ने का ऐलान किया था और इसी वजह से किसी तरह से इलाज में लापरवाही और साजिश के तहत उसकी मौत हुई है। पिता का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने उचित देखभाल नहीं की, जिसके चलते उनके बेटे की जान चली गई। उन्होंने कहा कि वह इंसाफ के लिए कोर्ट का रुख करेंगे और दोषी डॉक्टरों के लाइसेंस रद्द कर उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए।
वहीं वरिंदर घुम्मन के भाई रब्बी ने कहा कि परिवार लगातार इंसाफ की लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने बताया SIT जांच में लगभग तीन महीने लगे और सात सदस्यीय कमेटी ने बारीकी से जांच कर सच सामने लाया। जांच में सामने आया कि वरिंदर की ईसीजी रिपोर्ट ठीक नहीं थी और ऐसी स्थिति में ऑपरेशन नहीं किया जाना चाहिए था, इसके बावजूद डॉक्टरों ने सर्जरी की यह सोचने वाली बात है।

परिवार का आरोप है कि सामान्य तौर पर डेढ़ घंटे में होने वाला ऑपरेशन 5 से 5.30 घंटे तक चला, जिससे एनेस्थीसिया की डोज अधिक दी गई होगी। साथ ही, वरिंदर के शरीर के नीले पड़ने के पहलू की भी जांच की मांग की गई है। परिवार का कहना है कि उन्हें अपने बेटे की मौत के लिए पूरी तरह से न्याय चाहिए और दोषियों को सख्त सजा मिलना चाहिए।
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