रामपुर. मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर चल रहे विवाद के बीच छात्रों और जिला प्रशासन के बीच अहम बातचीत हुई है. यूनिवर्सिटी के छात्रों ने जिलाधिकारी (DM) से मुलाकात की, जिसके बाद धरना खत्म होने के संकेत मिले हैं.

डीएम ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि जब तक ध्वस्तीकरण आदेश से जुड़ी न्यायिक प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी. साथ ही छात्रों से नियमित कक्षाएं शुरू करने और धरना समाप्त करने की अपील की गई.

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डीएम ने छात्रों को दिया भरोसा

एलएलएम द्वितीय वर्ष के छात्र और धरने का नेतृत्व कर रहे साकिब सैयद ने बताया कि डीएम ने उन्हें बातचीत के लिए बुलाया था. मुलाकात के दौरान डीएम ने स्पष्ट कहा कि ध्वस्तीकरण आदेश पर अंतिम न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने से पहले कोई कार्रवाई नहीं होगी. उन्होंने छात्रों से अपनी पढ़ाई जारी रखने और भविष्य को प्राथमिकता देने की सलाह दी.

छात्रों ने रखीं तीन प्रमुख मांगें

मुलाकात के दौरान लॉ की छात्रा इकरा ने प्रशासन के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं. पहली, ध्वस्तीकरण के निर्देशों को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए. दूसरी, यूनिवर्सिटी परिसर में बनाए गए एडमिशन काउंसिल सेंटर को हटाया जाए. तीसरी, एडमिशन के दौरान यूनिवर्सिटी बंद होने जैसी अफवाहों पर रोक लगाई जाए, जिससे छात्रों और अभिभावकों में भ्रम की स्थिति न बने.

अभिभावकों को डराने का भी लगाया आरोप

छात्रों ने प्रशासन को बताया कि कुछ अभिभावकों और विद्यार्थियों को अज्ञात नंबरों से फोन कर यूनिवर्सिटी छोड़ने के लिए डराया जा रहा है. इस पर डीएम ने भरोसा दिलाया कि छात्रों के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ नहीं होगा और आगे की हर कार्रवाई पूरी तरह न्यायिक प्रक्रिया के तहत की जाएगी. प्रशासन ने निष्पक्ष और कानूनसम्मत कार्रवाई का आश्वासन भी दिया.

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धरना खत्म करने पर छात्र लेंगे सामूहिक फैसला

हालांकि डीएम के आश्वासन के बाद छात्रों का रुख सकारात्मक दिखाई दिया, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि धरना खत्म करने का निर्णय अकेले कोई नहीं लेगा. धरना स्थल पर मौजूद सभी छात्रों से चर्चा के बाद सर्वसम्मति से अंतिम फैसला लिया जाएगा. फिलहाल छात्रों ने कक्षाएं दोबारा शुरू करने पर सहमति जताई है, जबकि धरने को लेकर अंतिम निर्णय जल्द लिया जाएगा.