कुंदन कुमार, जहानाबाद। जिले के रतनी फरीदपुर प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली पंडौल पंचायत के मुखिया नंदकिशोर राम को निगरानी टीम ने 12,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है जब ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं के नाम पर कमीशनखोरी एक गंभीर समस्या बनी हुई है। इस गिरफ्तारी के बाद से पूरे जिले के पंचायत प्रतिनिधियों और सरकारी तंत्र में हड़कंप मच गया है।

​मनरेगा योजना के भुगतान के एवज में मांग रहे थे घूस

​मिली जानकारी के अनुसार आरोपी मुखिया नंदकिशोर राम मनरेगा योजना के तहत पंचायत में कराए गए कुछ विकास कार्यों के भुगतान की एवज में रिश्वत की मांग कर रहे थे। पोखमा गांव के रहने वाले प्रार्थी प्रमोद कुमार ने मनरेगा के तहत अपना काम पूरा कराया था, लेकिन उसके भुगतान के बदले मुखिया लगातार 12 हजार रुपये की अवैध राशि मांग रहे थे। लगातार हो रही पैसों की मांग और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर पीड़ित प्रमोद कुमार ने पिछले महीने इसकी शिकायत सीधे निगरानी विभाग से करने का फैसला किया।

​निगरानी विभाग द्वारा विशेष टीम का गठन और जाल बिछाना

​शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत गोपनीय तरीके से इसका सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान शिकायत सही पाए जाने पर विभाग ने एक विशेष छापामारी दल का गठन किया। योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाते हुए निगरानी टीम ने शकुराबाद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नेहालपुर मोड़ के समीप अपना शिकंजा कसा। जैसे ही मुखिया नंदकिशोर राम ने शिकायतकर्ता प्रमोद कुमार से 12,000 रुपये की रिश्वत की रकम अपने हाथों में ली, वैसे ही पहले से मुस्तैद निगरानी की टीम ने उन्हें दबोच लिया।

​पूछताछ के बाद पटना ले गई टीम और आगे की कार्रवाई

​नेहालपुर मोड़ के पास हुई इस गिरफ्तारी के बाद निगरानी विभाग की टीम आरोपी मुखिया को अपने साथ शुरुआती पूछताछ के लिए सीधे पटना लेकर रवाना हो गई। विभाग के अधिकारी अब आरोपी से गहन पूछताछ कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस भ्रष्टाचार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई से जहानाबाद जिले के तमाम भ्रष्ट तत्वों में खौफ का माहौल पैदा हो गया है, और यह घटना अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए एक कड़ी चेतावनी भी साबित हो रही है।