महाराष्ट्र के नासिक में IT की एक मेजर कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है. कंपनी की कई महिला कर्मचारियों ने अपने टीम लीडरों पर यौन उत्पीड़न, धर्म परिवर्तन के प्रयास और मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. इस मामले में राज्य के विभिन्न थानों में कई प्राथमिकी दर्ज की गई हैं, जिनमें एक दुष्कर्म का मामला भी शामिल है. अब तक कम से कम छह आरोपियों को गिरफ्तार पहले ही किया जा चुका है, जबकि अन्य की तलाश जारी है.

महाराष्ट्र के नासिक में एक मल्टीनेशनल कंपनी से महिला कर्मचारियों के यौन शोषण, मानसिक उत्पीड़न और धार्मिक दबाव के गंभीर आरोप सामने आए हैं. कई पीड़िताओं की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

महाराष्ट्र के नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज में महिला कर्मचारियों ने टीम लीडरों पर यौन उत्पीड़न, धार्मिक परिवर्तन के प्रयास और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं. कई प्राथमिकी दर्ज हुईं, जिनमें दुष्कर्म का मामला भी शामिल है और छह आरोपी गिरफ्तार हुए हैं. बताया जा रहा है कि आरोपियों में कई टीम लीडर और इंजीनियर शामिल हैं.

पीड़ित महिलाओं जिनकी उम्र 18 से 25 वर्ष के बीच बताई जा रही है, उनका आरोप है कि उन्हें अलग-अलग कार्यस्थलों पर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया. उनके पहनावे और शारीरिक बनावट पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं और उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली बातें कही गईं.

नासिक के देवळाली थाना क्षेत्र में दो आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म, छेड़छाड़ और उत्पीड़न का मामला दर्ज किया गया है. वहीं मुंबई नाका थाना क्षेत्र में आठ अलग-अलग मामले दर्ज हुए हैं. शिकायतकर्ताओं के अनुसार, कंपनी के भीतर कुछ कर्मचारियों ने ऐसा माहौल बनाया, जिसमें धार्मिक परिवर्तन को बढ़ावा दिया जा रहा था.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपियों ने महिलाओं को उनके व्यक्तिगत और वैवाहिक समस्याओं का फायदा उठाकर निशाना बनाया. यह उत्पीड़न पिछले दो से तीन वर्षों से जारी था. पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने पहले कंपनी के HR डिपार्टमेंट से शिकायत की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.

अब तक जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें आसिफ अंसारी, शफी शेख, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन और तौसीफ अत्तार शामिल हैं. इसके अलावा अश्विन चैनानी नामक कर्मचारी को भी गिरफ्तार किया गया है. पुलिस एक अन्य HR अधिकारी की तलाश में भी जुटी है.

एक पुरुष कर्मचारी ने भी आरोप लगाया है कि उसका ब्रेनवॉश किया गया और उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया. शिकायत के अनुसार, उसे विशेष धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने और खान-पान से जुड़ी आदतें बदलने के लिए मजबूर किया गया. उसे विशेष धार्मिक क्रियाएं करने और मांसाहार खाने के लिए मजबूर किया गया.

पुलिस ने अब तक एक मामला धार्मिक भावनाएं आहत करने का, एक दुष्कर्म का, चार छेड़छाड़ के और तीन संयुक्त मामलों में छेड़छाड़ व धार्मिक अपराध की धाराओं में केस दर्ज किया है. पुलिस ने एसीपी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में 12 सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया है. जांच तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है.

भारतीय जनता पार्टी ने इसे ‘कॉरपोरेट जिहाद’ का मामला बताया है. भाजपा नेता बंदी संजय कुमार ने इसे गंभीर बताते हुए आईटी कंपनियों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है.

टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने टीसीएस नासिक कार्यालय में यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोपों को ‘बेहद गंभीर’ (TCS Harassment) बताया है। उन्होंने कहा कि टीसीएस की सीओओ आरती सुब्रमण्यन के नेतृत्व में विस्तृत जांच चल रही है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m