हरियाणा के जींद जिले में नागरिक अस्पताल के डॉक्टरों ने साढ़े तीन वर्ष के एक मासूम बच्चे की आहार नली में फंसे सिक्के को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. अरविंद शर्मा के नेतृत्व वाली टीम ने तीन घंटे तक चले जटिल दूरबीन ऑपरेशन के बाद बच्चे की जान बचाई।

जींद। जिले में सरकारी डॉक्टरों की तत्परता और सूझबूझ से एक मासूम बच्चे को नया जीवन मिला है। जिला नागरिक अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक टीम ने साढ़े तीन वर्ष के बच्चे की भोजन नली में अटके पांच रुपये के सिक्के को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया है। ईएनटी सर्जन के नेतृत्व में डॉक्टरों ने करीब तीन घंटे तक चले बेहद जटिल दूरबीन ऑपरेशन के बाद इस कार्य को अंजाम दिया, जिससे बच्चे के परिजनों ने राहत की सांस ली है। उपचार के बाद बच्चा पूरी तरह से ठीक है।

मासूम ने निगला सिक्का

मिली जानकारी के अनुसार, जींद के गांव शामलो कलां निवासी साहिल का साढ़े तीन वर्षीय बेटा शिवांश मंगलवार को अपने घर में खेल रहा था। खेलते समय बच्चे ने अचानक पांच रुपये का सिक्का मुंह में डाल लिया, जो सीधे उसकी आहार नली के भीतर जाकर फंस गया। घबराए परिजन मासूम को तुरंत लेकर एक निजी अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने केस हाथ में लेने से मना कर दिया। इसके बाद परिजन बिना समय गंवाए उसे लेकर जिला नागरिक अस्पताल पहुंचे।

डॉक्टरों ने तैयार किया प्लान

नागरिक अस्पताल के डॉक्टरों ने सबसे पहले शिवांश का एक्स-रे कराया, जिसमें साफ हुआ कि सिक्का उसकी भोजन नली के बीच में अटका हुआ है। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. अरविंद शर्मा की अगुवाई में एक विशेष मेडिकल टीम का गठन किया। मंगलवार की रात को ही बच्चे के ऑपरेशन से जुड़े जरूरी टेस्ट पूरे किए गए। चूंकि ऑपरेशन के लिए बच्चे का खाली पेट होना आवश्यक था, इसलिए बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे डॉ. अरविंद शर्मा, डॉ. सुषमलता और डॉ. सुक्रीति की टीम ने संयुक्त रूप से दूरबीन विधि द्वारा सर्जरी शुरू की।

तीन घंटे चला ऑपरेशन

इस ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा क्योंकि सिक्का बार-बार अपनी जगह से आगे खिसक कर फंस रहा था। एक वक्त ऐसा भी आया जब स्थिति काफी नाजुक हो गई थी, लेकिन डॉक्टरों की टीम ने संयम बनाए रखा। आखिरकार तीन घंटे की कड़ी मशक्कत और बेहद सावधानीपूर्वक किए गए प्रयासों के बाद सिक्के को सुरक्षित रूप से बाहर निकाल लिया गया।

ईएनटी सर्जन डॉ. अरविंद शर्मा ने बताया कि मंगलवार को एक्सरे रिपोर्ट से सिक्के की सही स्थिति का पता चल गया था, जिसकी वजह से बच्चे को काफी तकलीफ हो रही थी। उस समय बच्चा खाली पेट नहीं था, इसलिए रातभर जरूरी जांचें करने के बाद सुबह खाली पेट होने पर पूरी सावधानी के साथ ऑपरेशन किया गया जो पूरी तरह सफल रहा।