हरियाणा के जींद जिले में अवैध रूप से विकसित हो रही कॉलोनियों के खिलाफ जिला नगर योजनाकार विभाग (DTP) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पिछले पांच महीनों में 15 एफआईआर दर्ज करवाई हैं।

संजय कुमार, जींद। जिले में तेजी से पैर पसार रहे अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ जिला नगर योजनाकार विभाग (DTP) ने अपना रुख बेहद कड़ा कर लिया है। जिला नगर योजनाकार मनीष दहिया ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि पिछले पांच महीनों के दौरान अवैध कॉलोनियां काटने और नियमों का उल्लंघन करने के मामलों में कुल 15 एफआईआर (FIR) दर्ज करवाई जा चुकी हैं और इन सभी मामलों में कानूनी कार्रवाई लगातार जारी है। विभाग को इस संबंध में आम जनता के साथ-साथ पुलिस, विजिलेंस और सीएम फ्लाइंग से निरंतर शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, जिस पर संज्ञान लेते हुए विभागीय टीमें फील्ड में लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं और सूचना मिलते ही तुरंत सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।

बिजली-पानी कनेक्शन रोकने के लिए विभागों को पत्र और जागरूकता सूची

अवैध कॉलोनियों के निर्माण को शुरुआती स्तर पर ही रोकने के लिए जिला नगर योजनाकार विभाग द्वारा एक विशेष कार्ययोजना के तहत काम किया जा रहा है। मनीष दहिया ने बताया कि जब भी किसी क्षेत्र में नई अवैध कॉलोनी के विकसित होने की पुख्ता जानकारी मिलती है, तो विभाग तुरंत संबंधित खसरा नंबर, रेवेन्यू एस्टेट और तहसील के विवरण के साथ बिजली विभाग और जनस्वास्थ्य विभाग को आधिकारिक पत्र भेज देता है। इन पत्रों के माध्यम से संबंधित विभागों को स्पष्ट सूचित किया जाता है कि चिह्नित स्थान पर अवैध निर्माण हो रहा है, ताकि वहां बिजली और पानी के कनेक्शन न दिए जाएं। इसके अलावा, आम जनता को ठगी से बचाने के लिए विभाग समय-समय पर अवैध कॉलोनियों की लोकेशन वाली सूचियां भी सार्वजनिक रूप से जारी करता रहता है।

सस्ती जमीन का लालच, प्लॉट धारकों के लिए विकल्प और शिकायत का माध्यम

डीटीपी मनीष दहिया के अनुसार, इन अनियमित कॉलोनियों के बढ़ने की सबसे मुख्य वजह लोगों की बेहद कम कीमत में जमीन खरीदने की मानसिकता है। स्वीकृत कॉलोनियों की तुलना में यहां प्लॉट काफी सस्ते मिल जाते हैं, जिसके कारण बाहर से आने वाले मजदूर या नौकरीपेशा लोग बिना जांच-पड़ताल किए इन्हें खरीद लेते हैं और बाद में कानूनी पेचीदगियों में फंस जाते हैं। हालांकि, जो लोग पहले ही प्लॉट खरीद चुके हैं, उनके लिए सरकार की रेग्यूलाइजेशन पॉलिसी भी उपलब्ध है, जिसके तहत समय-समय पर आवेदन लेकर पात्र कॉलोनियों को मंजूर किया जाता है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी मामले में विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही पाई गई तो उनके खिलाफ भी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। नागरिक अपनी शिकायतें जिला नगर योजनाकार कार्यालय (कमरा नंबर 409, लघु सचिवालय, जींद), डीसी कार्यालय या सीएम विंडो के माध्यम से दर्ज करा सकते हैं।