भुवनेश्वर. ओडिशा पुलिस ने पूरे राज्य में चलाए गए एक विशेष अभियान के दौरान 1,771 लोगों को गिरफ्तार किया और 3,000 किलो से ज़्यादा गांजा ज़ब्त किया. यह अभियान नशीले पदार्थों की तस्करी, अवैध हथियारों को रखने और संगठित अपराधों को रोकने के लिए चलाया गया था.
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस अभियान के दौरान 20 अवैध हथियार भी ज़ब्त किए गए और कई ज़िलों में अवैध खनन करने वाले गिरोहों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई.
इस विशेष अभियान का मुख्य मकसद लंबित गैर-जमानती वारंटों को तामील कराना, फरार आरोपियों को गिरफ्तार करना और नशीले पदार्थों की तस्करी के रास्तों को बंद करना था. इस अभियान के तहत पुलिस ने आदतन अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ भी अपनी कार्रवाई तेज़ कर दी.
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 3,026 किलो से ज़्यादा गांजा और 16.6 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की. अधिकारियों ने ‘नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस एक्ट’ (NDPS Act) के तहत 31 मामले दर्ज किए और नशीले पदार्थों की तस्करी के आरोप में 29 लोगों को गिरफ्तार किया.
इसके अलावा, पुलिस ने ‘आर्म्स एक्ट’ के तहत नौ मामले दर्ज किए, 13 संदिग्धों को गिरफ्तार किया और 20 अवैध हथियार बरामद किए, जिनमें देसी हथियार भी शामिल थे.
खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई
इस विशेष अभियान में पूरे राज्य में चल रही अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई. PTI की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने छोटे खनिजों की अवैध खुदाई और ढुलाई के संबंध में 136 मामले दर्ज किए और 60 लोगों को गिरफ्तार किया.
अधिकारियों ने 179 वाहन और भारी मशीनें भी ज़ब्त कीं, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर अवैध खनन कार्यों में किया जा रहा था.
इस अभियान के परिणामस्वरूप, ‘राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम’ (NSA) के तहत 643 असामाजिक तत्वों और ‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता’ के तहत 126 आदतन अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की गई.
एक अधिकारी ने बताया कि इस समन्वित कार्रवाई का मकसद राज्य में सक्रिय अवैध खनन गिरोहों, नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोहों और हथियारों की तस्करी करने वाले गिरोहों को निशाना बनाना था.
अधिकारियों ने कहा कि यह अभियान ओडिशा में कानून-व्यवस्था को मज़बूत करने और अवैध नशीले पदार्थों व हथियारों के प्रसार को रोकने के लिए किए जा रहे लगातार प्रयासों का ही एक हिस्सा है.

