स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत ने कथित शराब घोटाले से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान कड़ा रुख अपनाते हुए कुछ प्रतिवादियों के खिलाफ अवमानना कार्रवाई शुरू करने की बात कही है। अदालत में सुनवाई के दौरान जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि कुछ पक्षों द्वारा उनके खिलाफ अत्यंत मानहानिकारक और दुर्भावनापूर्ण सामग्री सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका और न्यायिक प्रक्रिया के खिलाफ इस तरह की टिप्पणियों को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। न्यायाधीश ने टिप्पणी करते हुए कहा कि इस प्रकार की पोस्ट न केवल व्यक्तिगत स्तर पर आपत्तिजनक हैं, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया की गरिमा को भी प्रभावित करती हैं।

जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान कहा कि उन्हें अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक का प्रतिनिधित्व करने के लिए न्याय मित्रों के नामों का ऐलान करना था, लेकिन इसी दौरान उनके संज्ञान में कुछ आपत्तिजनक सामग्री आई। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि कुछ प्रतिवादी उनके और न्यायालय के खिलाफ “अत्यंत अपमानजनक और निंदनीय” सामग्री सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने स्पष्ट किया कि इस तरह की गतिविधियों को हल्के में नहीं लिया जा सकता। सुनवाई के दौरान अदालत ने संकेत दिया कि इस मामले में अवमानना की कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस विषय पर विस्तृत आदेश शाम 5 बजे सुनाया जाएगा।

सुनवाई के दौरान जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि वह मामले में एमिकस क्यूरी (न्याय मित्र) के नामों का ऐलान करने वाली थीं। इसके लिए वरिष्ठ अधिवक्ताओं से सहमति भी ली गई थी, लेकिन इसी दौरान उनके संज्ञान में अदालत और उनके खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक और निंदनीय सामग्री सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने की बात सामने आई। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि इस तरह की सामग्री को लेकर वह चुप नहीं रह सकतीं। उन्होंने टिप्पणी की कि कुछ प्रतिवादियों और अन्य पक्षों द्वारा न्यायालय और उनके खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट की गई हैं, जिसे गंभीरता से लिया गया है। अदालत ने कहा कि इस स्थिति में उन्होंने अवमानना कार्यवाही शुरू करने का निर्णय लिया है। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि इस संबंध में विस्तृत आदेश शाम 5 बजे  सुनाऊंगी और इसके बाद ही तय करूंगी कि इस केस का मैं क्या करुंगी।’

क्या है पूरा विवाद

स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत में कथित शराब घोटाले से जुड़े मामले की सुनवाई के बीच अब न्यायिक प्रक्रिया और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को लेकर तनाव बढ़ गया है। यह मामला उस याचिका से जुड़ा है जिसमें फरवरी के अंत में ट्रायल कोर्ट द्वारा 12 आरोपियों को आरोपमुक्त किए जाने के फैसले को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने चुनौती दी थी। इसी मामले की सुनवाई हाई कोर्ट में चल रही है। इस दौरान अरविंद केजरीवाल और उनके कुछ सहयोगियों ने कथित तौर पर जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच को लेकर आपत्ति जताई है और केस को किसी अन्य बेंच को स्थानांतरित करने की मांग की है। आरोप है कि केजरीवाल और अन्य नेताओं ने जज पर हितों के टकराव और निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए हैं। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि उन्हें इस बेंच से न्याय मिलने को लेकर शंका है। इसी विवाद के बीच अदालत ने यह भी गंभीरता से लिया है कि जज और न्यायालय के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणियां की गई हैं। इसी को आधार बनाकर अदालत ने अवमानना कार्यवाही शुरू करने के संकेत दिए हैं और इस पर विस्तृत आदेश शाम 5 बजे सुनाए जाने की बात कही गई है।

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