राकेश कथूरिया, कैथल। स्थानीय भगत सिंह भवन में हरियाणा ज्ञान विज्ञान समिति कैथल व सद्भावना , साहित्य सदन कैथल के संयुक्त तत्वावधान में कबीर जयन्ती का कार्यक्रम आयोजित किया गया । कार्यक्रम की अध्यक्षता ज्ञान विज्ञान समिति के जिला अध्यक्ष अमृत लाल सीवन व संचालन डॉ विकास आनन्द ने किया ।

डा विकास आनन्द ने प्रोग्राम की शुरुआत करते हुए बताया कि जब भक्ति काल में चारों ओर अन्धकार था , पाखण्ड का बोलबाला था , दकियानूसी विचारों को बढ़ावा दिया जा रहा था,तब सन्त कबीर जी ने अपनी वाणी से सामाजिक न्याय , समरसता के लिए तथा अन्धविश्वासों के खिलाफ अपनी शब्दावली व दोहे गायन से समाज को बेबाक तरीके से प्रकाश का रास्ता दिखाने का बिना भय व डर के भरसक प्रयास किया ,आज भी उनके विचारों की पहले से भी ज्यादा सार्थकता है।

प्रोग्राम के आरम्भ में मास्टर गोपाल दास आनन्द ने कबीर जी जयंती के सम्बन्ध में शब्द गायन व उनके दोहों का गायन किया , गुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागूं पाय, बलिहारी गुरु आपने गोविंद दियो बताए ,ऐसी बाणी बोलिए ,मन का आपा खोए ,माला फेरत जग मुआ,फिरा ना मन का फेर , आदि से उनके विचारों को अभिव्यक्ति दी। दिलबाग अकेला जी ने अपनी बात रखते हुए कहा कि कबीर जी ने हर कुरीति पर अपनी बाणी से वार किया ,स्व रचना ,चैन अमन की राह , से विश्व शांति का रास्ता अख्तियार किया जा सकता है , उन्होंने एक हरियाणवी रचना के माध्यम से बताया कि मुक्ति का मतलब आजादी व उसके लिए आंदोलन होता है ।

वहम भ्रम से दूर रहो ,यह भी सन्देश दिया । पेशे से अध्यापक विपिन कालड़ा ने इस अवसर पर अपने सम्बोधन में कहा कि ज्ञान विज्ञान समिति की नजरों में सारे तथ्यों को परखा जाता है।