प्रमोद कुमार, कैमूर। जिले के भभुआ स्थित कैमूर राज नर्सिंग इंस्टीट्यूट, ओदार के छात्र-छात्राओं का गुस्सा आखिरकार प्रशासन की सकारात्मक पहल के बाद शांत होता नजर आ रहा है। संस्थान के बीएससी नर्सिंग और फार्मेसी पाठ्यक्रमों के परीक्षा परिणाम खराब आने तथा प्रैक्टिकल सुविधाओं में भारी कमी को लेकर छात्रों ने पिछले दिनों कॉलेज के पास सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया था। इस आंदोलन और हंगामे का संज्ञान लेते हुए अनुमंडल पदाधिकारी (SDM), भभुआ ने आज आंदोलनरत छात्र प्रतिनिधियों और कॉलेज प्रशासन के बीच एक उच्चस्तरीय समन्वय बैठक की अध्यक्षता की।

​बैठक में छात्रों ने रखे अपने 13 सूत्रीय प्रमुख बिंदु

​अनुमंडल कार्यालय में आयोजित इस बैठक के दौरान छात्र-छात्राओं ने प्रशासन के समक्ष अपनी शैक्षणिक समस्याओं और मांगों को पूरी प्रमुखता और विस्तार से रखा। विद्यार्थियों ने अपनी बात रखते हुए मुख्य रूप से गंभीर मुद्दों की ओर ध्यान आकर्षित किया:

  • ​योग्य और नियमित फैकल्टी: कॉलेज में विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए नियमित, योग्य और अनुभवी शिक्षकों की पर्याप्त तैनाती की जाए।
  • ​लैब सुविधाएं: सुव्यवस्थित प्रैक्टिकल लैब और जरूरी आधुनिक उपकरणों की तुरंत व्यवस्था हो ताकि पढ़ाई प्रभावित न हो।
  • ​समय पर पाठ्यक्रम: निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी विषयों का सिलेबस पूरा कराया जाए।
  • ​अस्पताल ड्यूटी: छात्रों के प्रैक्टिकल अनुभव को मजबूत करने के लिए सेमेस्टरवार नियमित हॉस्पिटल ड्यूटी सुनिश्चित की जाए।
  • ​पुनर्मूल्यांकन शुल्क: परीक्षा कॉपियों के पुनर्मूल्यांकन या री-चेकिंग के नाम पर छात्रों से कोई अतिरिक्त और अनुचित शुल्क न वसूला जाए।

​प्रशासन का सख्त रुख और यूनिवर्सिटी स्तर के मामलों पर निर्देश

​अनुमंडल पदाधिकारी ने छात्रों द्वारा सौंपे गए 13-सूत्रीय मांग पत्र के एक-एक बिंदु पर बेहद गंभीरता के साथ चर्चा की। उन्होंने कॉलेज प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन मामलों का निस्तारण स्थानीय स्तर पर संभव है, उन पर तुरंत और प्रभावी कार्रवाई की जाए। इसके अलावा, जो मुद्दे सीधे विश्वविद्यालय (यूनिवर्सिटी) के क्षेत्राधिकार से जुड़े हुए हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर यूनिवर्सिटी प्रशासन के संज्ञान में लाकर जल्द से जल्द समाधान कराने का निर्देश दिया गया।

​छात्रों को मिला प्रशासनिक आश्वासन

​बैठक के अंत में अनुमंडल पदाधिकारी ने सभी छात्र-छात्राओं को पूरी तरह आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन उनके उज्ज्वल भविष्य, शैक्षणिक हितों और अधिकारों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कॉलेज प्रबंधन के साथ मिलकर लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी और तय समय-सीमा के भीतर छात्रों की सभी व्यावहारिक समस्याओं का संतोषजनक समाधान कराया जाएगा। प्रशासन के इस त्वरित, निष्पक्ष और सकारात्मक हस्तक्षेप के बाद छात्र-छात्राओं ने राहत की सांस ली है और अपनी सहमति जताते हुए इस पहल पर प्रसन्नता व्यक्त की है।