कानपुर नगर निगम की कार्यकारिणी बैठक में अफसरों द्वारा विकास कार्यों और टेंडर की अधूरी रिपोर्ट पेश करने पर मेयर प्रमिला पांडेय जमकर भड़क गईं। नाराजगी जताते हुए महापौर बैठक शुरू होने के महज 20 मिनट के भीतर ही वॉकआउट कर पैदल गेस्ट हाउस के लिए निकल गईं।
कानपुर। नगर निगम में शुक्रवार को दोपहर सवा दो बजे बुलाई गई कार्यकारिणी की बैठक में उस समय हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब महापौर प्रमिला पांडेय प्रशासनिक अफसरों की कार्यशैली से उखड़ गईं। विकास योजनाओं और डोर-टू-डोर कचरा प्रबंधन की पूरी रिपोर्ट न मिलने से नाराज होकर मेयर बैठक शुरू होने के महज 20 मिनट के भीतर ही वॉकआउट कर गईं। वह नगर निगम परिसर से पैदल ही गेस्ट हाउस के लिए निकल गईं।
फाइलों और टेंडर पर रिपोर्ट न मिलने से नाराजगी
5 अगस्त को स्थगित हुई बैठक के बाद शुक्रवार, 7 अगस्त को पुनः कार्यकारिणी बुलाई गई थी। इसमें महापौर ने पार्षदों के वार्डों में नगर निगम निधि से हुए विकास कार्यों, बजट सील व कमिटमेंट सील की स्थिति तथा बिना सदन की सहमति के डोर-टू-डोर कूड़ा उठान के टेंडर की पूरी रिपोर्ट मांगी थी। बैठक शुरू होते ही अफसरों ने जब आधी-अधूरी जानकारी पेश की, तो मेयर का गुस्सा फूट पड़ा।

‘अफसर खुद ही चला लें सदन’
महापौर प्रमिला पांडेय ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब अधिकारी उनकी हिदायतों को अनसुना कर रहे हैं, तो बैठक कराने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने कहा कि तीन दिन पहले जलभराव के निपटारे के दिए गए निर्देशों पर भी कोई काम नहीं हुआ और जनता के सवालों का जवाब उन्हें देना पड़ रहा है। ‘जब अफसर सुनते ही नहीं तो फिर सदन और कार्यकारिणी कराने की क्या जरूरत है, अफसर खुद ही बैठक कर लें’, यह कहते हुए वह पैदल ही गेस्ट हाउस चली गईं। इसके बाद पूरी बैठक रद्द हो गई।
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नगर आयुक्त ने दी सफाई
मामले पर सफाई देते हुए नगर आयुक्त ने बताया कि पार्षदों के वार्डों में जारी विकास कार्यों की सूची तैयार की जा रही है, लेकिन समय की कमी की वजह से रिपोर्ट पूरी नहीं हो सकी थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही सभी वांछित दस्तावेज उपलब्ध करा दिए जाएंगे और अगली कार्यकारिणी व सदन की तारीख का फैसला महापौर ही करेंगी।
6 कार्यकारिणी सदस्यों का कार्यकाल समाप्त
नगर निगम कार्यकारिणी के 6 सदस्यों का कार्यकाल 13 अगस्त को समाप्त हो रहा है। इनमें भारतीय जनता पार्टी के पवन पांडेय, धीरेन्द्र सोनकर, मंजू पाल, आकर्ष बाजपेई और समाजवादी पार्टी के फैजान रहमान शामिल हैं, जबकि एक सीट स्वर्गीय यशपाल सिंह के निधन से रिक्त है। महापौर ने स्पष्ट किया कि जल्द ही नया सदन बुलाकर इन खाली पड़े छह पदों के लिए चयन प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।
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3 भाजपा पार्षदों का नगर आयुक्त कार्यालय पर धरना
कार्यकारिणी में हुए इस हंगामे के बीच बीजेपी पार्षद सुधीर यादव, वंदना शर्मा और कविता चौहान ने नगर आयुक्त कार्यालय के बाहर धरना दे दिया। पार्षदों का आरोप था कि उनके क्षेत्रों में विकास कार्य नहीं कराए जा रहे हैं और उनके वार्डों की फाइलें दूसरे जोन में दिखाकर काम मोड़ा जा रहा है। लंच का समय होने के कारण उस वक्त कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं था।


