कानपुर में व्यापारी अमित कुमार की हत्या के मुख्य आरोपी संजय ढाबा को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया, जबकि जवाबी कार्रवाई में उसके दोनों पैरों में गोली लगी. संतकबीरनगर में भी गोकशी मामले में फरार 25 हजार के इनामी आरोपी महबूब अली को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया.

कानपुर. व्यापारी अमित कुमार की हत्या के मुख्य आरोपी और 50 से अधिक मुकदमों में वांछित संजय ढाबा को पुलिस ने रविवार को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने घेराबंदी के दौरान पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद हुई जवाबी कार्रवाई में उसके दोनों पैरों में गोली लगी. वहीं संतकबीरनगर में भी पुलिस ने 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी महबूब अली को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है.

व्यापारी हत्याकांड

काकादेव थाना क्षेत्र में 5 सितंबर की देर रात व्यापारी अमित कुमार के साथ मारपीट की गई थी. गंभीर रूप से घायल अमित कुमार की इलाज के दौरान 8 सितंबर को मौत हो गई, जिसके बाद पुलिस ने हत्या की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की.

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से मामले में चार आरोपियों की पहचान की थी. मुख्य आरोपी संजय ढाबा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें लगातार दबिश दे रही थीं.

पुलिस पर फायरिंग

डीसीपी सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव के मुताबिक, रविवार को संजय ढाबा शहर की ओर आ रहा था. पुलिस टीम ने उसे रोकने की कोशिश की तो उसने कथित तौर पर जान से मारने की नीयत से पुलिसकर्मियों पर गोली चला दी.

पुलिस के अनुसार, आत्मरक्षा में टीम ने चारों तरफ से घेराबंदी कर जवाबी फायरिंग की. इसमें संजय ढाबा घायल हो गया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

पत्रकार की भूमिका की जांच

गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि एक पत्रकार ने उसे खुद को निर्दोष बताते हुए वीडियो बनाने और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने की सलाह दी थी. पुलिस अब उस पत्रकार की पहचान और कथित भूमिका की जांच कर रही है.

मामले में शामिल तीन अन्य आरोपी अभी फरार हैं. पुलिस उनकी तलाश कर रही है और जल्द गिरफ्तारी कर कानूनी कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है.

50 से अधिक मुकदमे

पुलिस के आला अधिकारियों के अनुसार, संजय ढाबा के खिलाफ 50 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं. उसके लंबे समय तक खुलेआम घूमने को लेकर कानपुर पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं.

व्यापारी अमित कुमार की मौत के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि गंभीर मामलों में नामजद आरोपी की समय रहते गिरफ्तारी क्यों नहीं हो सकी.

संतकबीरनगर में गिरफ्तारी

संतकबीरनगर के धनघटा थाना क्षेत्र के मैली गांव में हुए गोकशी मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी महबूब अली को पुलिस ने बीती रात मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए खलीलाबाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया.

यह मामला 11 सितंबर का है. मैली गांव में घर के बाहर से गोवंश को उठाकर ले जाने और उसका वध किए जाने की घटना सामने आई थी.

एसपी संदीप मीणा के मुताबिक, घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की थी और उसी दिन मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था. महबूब अली समेत दो अन्य आरोपी फरार हो गए थे.

पुलिस के अनुसार, बीती रात मुखबिर से सूचना मिली कि महबूब अली इलाके में मौजूद है और वहां से भागने की तैयारी कर रहा है. इसके बाद धनघटा पुलिस ने इलाके की नाकाबंदी कर आरोपी को घेर लिया.

पुलिस का कहना है कि घिरने के बाद महबूब अली ने बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की. जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया.