Karauli Theft Case: राजस्थान के करौली जिले के हिंडौन सिटी में 50 लाख रुपये के जेवरात और नकदी की चोरी के मामले का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि इस वारदात की साजिश किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि परिवादी के बड़े भाई ने आपसी रंजिश और जमीन विवाद के चलते रची थी। पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल आरोपियों से चोरी का माल बरामद करने और गिरोह के नेटवर्क को लेकर पूछताछ जारी है।

24 जून को हुई थी वारदात

करौली पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल ने बताया कि 24 जून 2026 को हिंडौन सिटी के नई मंडी थाना क्षेत्र स्थित वृंदावन रिसोर्ट के पास एक मकान से करीब 50 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात और 30 हजार रुपये नकद चोरी हो गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम का गठन किया। जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों के साथ करीब 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया गया।

बड़े भाई ने ही बनाई थी पूरी योजना

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि परिवादी के बड़े भाई राधेश्याम ने जमीन विवाद और आपसी रंजिश के कारण चोरी की पूरी साजिश रची थी। उसने अपने बेटों के लग्न-टीका कार्यक्रम में शामिल होने के बहाने शातिर चोरों को बुलाया और वारदात को अंजाम दिलाया। पुलिस के अनुसार चोरी के लिए आरोपियों ने एक अर्टिगा कार का इस्तेमाल किया।

छह आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राधेश्याम, टीकम शर्मा, महेंद्र जोगी, रामप्रसाद जोगी, कन्हैया जांगिड़ और शंभू दयाल सैन को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने करीब 50 लाख रुपये के जेवरात चोरी करने की बात स्वीकार की है।

आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं कई मामले

पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी राधेश्याम के खिलाफ पहले से लूट, चोरी और डकैती सहित 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं रामप्रसाद के खिलाफ 23, टीकम शर्मा के खिलाफ 14 और महेंद्र जोगी के खिलाफ 8 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब चोरी का माल बरामद करने और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच में जुटी हुई है।

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