करनाल। जिले में डेंगू की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। जनवरी से सितंबर 2026 तक करनाल जिले में डेंगू के 22 मामले सामने आए हैं। इनमें से 20 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 2 मरीजों का इलाज अभी जारी है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू के प्रसार को रोकने के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विशेष टीमें लगातार सक्रिय हैं।

घर-घर जाकर लार्वा की जांच

स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों को डेंगू से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक कर रही हैं। साथ ही घरों और आसपास के ऐसे स्थानों की जांच की जा रही है, जहां पानी जमा होने से डेंगू मच्छर के लार्वा पनपने की आशंका रहती है।

टीमों द्वारा गमले, कूलर, पानी की टंकियों और अन्य जलभराव वाले स्थानों की जांच की जा रही है। कहीं पानी जमा मिलने पर लोगों को इसे तुरंत हटाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। नियमों की अनदेखी पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई भी की जा रही है।

ग्रामीण इलाकों में 150 और शहरों में 29 टीमें सक्रिय

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार डेंगू की रोकथाम के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 150 टीमें, जबकि शहरी क्षेत्रों में 29 टीमें लगातार काम कर रही हैं। विभाग की कार्रवाई के दौरान नियमों का पालन नहीं करने वाले करीब 1500 लोगों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं।

सरकारी अस्पतालों में विशेष वार्ड की व्यवस्था

डेंगू के मरीजों के इलाज को लेकर सरकारी अस्पतालों में भी विशेष व्यवस्था की गई है। मरीजों के लिए विशेष वार्ड तैयार किए गए हैं और डेंगू से संबंधित जरूरी जांच की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

स्वास्थ्य विभाग ने की सावधानी बरतने की अपील

डिप्टी सिविल सर्जन करनाल अनु शर्मा ने लोगों से डेंगू से बचाव के लिए सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोग पूरी बाजू के कपड़े पहनें और घरों के आसपास पानी जमा न होने दें। डेंगू की रोकथाम के लिए लोगों की जागरूकता और सहयोग बेहद जरूरी है।