हरियाणा के करनाल में एक सड़क हादसे के दौरान बीएससी नर्सिंग की छात्रा सोनाक्षी राणा ने अपनी सूझबूझ से एक बुजुर्ग महिला की जान बचाई। बस की टक्कर से बेहोश हुई महिला को छात्रा ने मौके पर लगातार सीपीआर देकर उनकी थम चुकी सांसों को दोबारा चालू किया।

करनाल। हरियाणा के करनाल में लाडो धाम के समीप बुधवार को एक नर्सिंग छात्रा ने अपनी त्वरित सूझबूझ और चिकित्सकीय प्रशिक्षण की बदौलत सड़क हादसे का शिकार हुई एक बुजुर्ग महिला को जीवनदान दे दिया। तेज रफ्तार बस की चपेट में आने से अचेत हो चुकी महिला को छात्रा ने तत्काल प्राथमिक उपचार के तौर पर सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) दिया, जिससे उनकी रुकी हुई सांसें वापस लौट आईं। इस साहसिक घटनाक्रम का वीडियो इंटरनेट पर प्रसारित होने के बाद हर तरफ छात्रा की प्रशंसा हो रही है।

प्राप्त विवरण के मुताबिक, कुरुक्षेत्र के ईशाकपुर क्षेत्र की निवासी 65 वर्षीय रोशनी देवी बस से उतरकर मार्ग पार कर रही थीं। इसी दौरान हरियाणा रोडवेज की एक अनियंत्रित बस ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बुजुर्ग महिला काफी दूर जाकर गिरीं और मौके पर ही अचेत हो गईं, जिससे वहां मौजूद राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई।

छात्रा ने संभाली कमान

उसी वक्त वहां से गांधी कॉलेज ऑफ नर्सिंग एंड फार्मेसी की बीएससी नर्सिंग द्वितीय वर्ष की छात्रा सोनाक्षी राणा गुजर रही थीं। घायल बुजुर्ग की गंभीर स्थिति को देखते हुए सोनाक्षी ने तुरंत उनकी नब्ज और श्वास की गति को जांचा। बिना कोई समय गंवाए उन्होंने महिला के सीने पर दबाव बनाते हुए करीब दो मिनट तक निरंतर सीपीआर देना शुरू किया, जिसके प्रभाव से रोशनी देवी के शरीर में हलचल हुई और उनकी सांसें सामान्य होने लगीं।

निजी वाहन से भेजा अस्पताल

दुर्घटना के बाद उपस्थित लोग लगातार एंबुलेंस को सूचित कर रहे थे, लेकिन वाहन के पहुंचने में हो रही देरी को देखते हुए सोनाक्षी ने राह चलते एक अन्य वाहन को रुकवाया। उन्होंने घायल महिला को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। इस दौरान विशेष बात यह रही कि चिकित्सालय ले जाते समय भी वह लगातार महिला को सीपीआर प्रदान करती रहीं ताकि उनकी सांसें बाधित न हों।

कॉलेज ने किया सम्मानित

इस मानवीय कार्य के लिए गांधी कॉलेज ऑफ नर्सिंग एंड फार्मेसी के प्रबंधन और प्राध्यापकों ने सोनाक्षी राणा को संस्थान में विशेष रूप से सम्मानित किया और मिठाई खिलाकर उनका हौसला बढ़ाया। मूल रूप से करनाल के राणा गांव की रहने वाली सोनाक्षी के पिता चनवा राम पूर्व सैन्यकर्मी हैं और वर्तमान समय में मधुबन में हरियाणा पुलिस के अंतर्गत अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

याद आई कॉलेज की ट्रेनिंग

सोनाक्षी ने घटना के संदर्भ में बताया कि कॉलेज से घर लौटते समय उन्होंने महिला को दुर्घटनाग्रस्त होते देखा था। अचानक हुए इस हादसे से शुरुआत में उनके हाथ कांपने लगे थे, परंतु उन्हें कॉलेज में सिखाया गया संकटकालीन प्रशिक्षण याद आ गया। उन्होंने अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने शिक्षकों को दिया, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में दूसरों की मदद करना सिखाया था। बेटी के इस जज्बे पर गर्व व्यक्त करते हुए उनके पिता चनवा राम ने कहा कि सेना में रहकर देशसेवा करते समय उन्हें जो गर्व महसूस होता था, आज अपनी बेटी द्वारा एक अपरिचित महिला की जान बचाए जाने पर वही गौरव दोबारा महसूस हो रहा है।