आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने गुजरात की एक अदालत के फैसले को लेकर नाराजगी जताई है। उन्होंने अपने विधायक चैतर वसावा को सजा दिए जाने के मामले में इसे कथित साजिश बताया और भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा। केजरीवाल ने अदालत या जज का नाम लिए बिना कहा कि वसावा को साजिश के तहत फंसाया गया है। उन्होंने फैसले पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता इस फैसले का जवाब BJP को देगी। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि “ED पार्टी” ने साजिश कर वसावा को 7 साल की सजा दिलवाई है। इससे पहले भी केजरीवाल ने दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) के एक फैसले को लेकर नाराजगी जताई थी। वहीं, अदालतों के फैसलों पर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया को लेकर भी समय-समय पर बहस होती रही है।

गुजरात में आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक और आदिवासी नेता चैतर वसावा को राजपीपला की सत्र अदालत ने मंगलवार को तीन साल पुराने मामले में दोषी करार देते हुए 7 साल की कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने वसावा की पत्नी शकुंतला वसावा और छह अन्य आरोपियों को भी वन अधिकारियों पर हमले और जबरन वसूली के मामले में दोषी ठहराया है। सभी दोषियों को 7-7 साल की सजा के साथ 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। सरकारी वकील वंदना भट्ट के अनुसार, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ए वी हिरपारा ने यह फैसला सुनाया।

केजरीवाल ने कहा- ED पार्टी ने सजा सुना दी

केजरीवाल ने आरोप लगाया कि वसावा को राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया और उन्हें दी गई 7 साल की सजा के पीछे भाजपा की भूमिका है। उन्होंने कहा कि वसावा आदिवासी समाज के बड़े नेता हैं और आदिवासी मुद्दों को उठाते रहे हैं। केजरीवाल ने जांच एजेंसियों पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वसावा ने आदिवासी समाज के मुद्दों और कथित धन के दुरुपयोग के खिलाफ आवाज उठाई, इसलिए उन्हें निशाना बनाया गया। उन्होंने दावा किया कि पहले भी उन्हें परेशान करने की कोशिश की गई, लेकिन अब साजिश के तहत मामला बनाकर सजा दिलाई गई। इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट की जज स्वर्ण कांता शर्मा से जुड़े मामलों में भी केजरीवाल की टिप्पणियों को लेकर विवाद हुआ था और अदालत की अवमानना से जुड़े मामले सामने आए थे।

केजरीवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा को पता था कि चैतर वसावा की मौजूदगी में वह क्षेत्र में चुनावी सफलता हासिल नहीं कर सकती, इसलिए कथित तौर पर साजिश के तहत उन्हें हटाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर गुजरात की जनता में नाराजगी है और लोग इसका जवाब देंगे। उन्होंने जांच एजेंसियों पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि वसावा को राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया गया। केजरीवाल ने दावा किया कि यह कार्रवाई आदिवासी नेतृत्व को कमजोर करने की कोशिश है। वहीं, केजरीवाल के बयान को लेकर विवाद भी खड़ा हो गया है। आलोचकों का कहना है कि अदालत के फैसले को राजनीतिक दल से जोड़ना न्यायपालिका की निष्पक्षता पर सवाल उठाने जैसा है। हालांकि, आम आदमी पार्टी ने अपने नेता के बयान का बचाव किया है।

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