खगड़िया। निबंधन विभाग ने 17 अगस्त से पेपरलेस (कागज रहित) निबंधन प्रणाली की शुरुआत की है। इस नई व्यवस्था के तहत, पारंपरिक रूप से दस्तावेज तैयार करने वाले कातिबों को सर्विस प्रोवाइडर की जिम्मेदारी दी गई है।
इनकी मुख्य भूमिका आम नागरिकों को तकनीकी कार्यों में सहायता करना है:
- ऑनलाइन आवेदन भरना
- दस्तावेज अपलोड करना
- ई-स्टाम्प और ई-साइन की प्रक्रिया पूरी करना
विरोध की मुख्य वजह
खगड़िया और गोगरी से जुड़े लगभग 100 कातिब कार्यालय तो पहुंचे, लेकिन उन्होंने निबंधन प्रक्रिया में किसी प्रकार का सहयोग नहीं किया। हालांकि उन्होंने औपचारिक या लिखित हड़ताल की सूचना नहीं दी है, परंतु वे अपनी कार्यप्रणाली में अचानक हुए बड़े बदलाव और बढ़ी हुई तकनीकी जिम्मेदारियों से नाखुश हैं। उनका कहना है कि नई प्रणाली उनके लिए जटिल और असहज साबित हो रही है।
पहले दिन की स्थिति
खगड़िया कार्यालय: यहां रोजाना औसतन 25 से 30 रजिस्ट्री होती हैं। हालांकि, नई व्यवस्था लागू होने से पहले के दो पुराने (पेपर-बेस्ड) आवेदन प्रक्रिया में जरूर थे, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उनकी भी रजिस्ट्री पूरी नहीं हो सकी थी। इस प्रकार नई व्यवस्था के तहत खाता भी नहीं खुला।
गोगरी कार्यालय: इस कार्यालय में रोजाना 25 से 26 दस्तावेजों का निबंधन होता है, लेकिन कातिबों के असहयोग के कारण यहां भी पहले दिन एक भी रजिस्ट्री नहीं हो सकी।
अवर निबंधक पदाधिकारी कौशल कुमार झा ने स्थिति की पुष्टि करते हुए बताया कि कातिबों के काम न करने के कारण पहले दिन नई पेपरलेस व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही।


