खगड़िया। जिले से अनुशासनहीनता का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां परबत्ता थाने में तैनात एक महिला सब-इंस्पेक्टर (SI) की सोशल मीडिया रील ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। वर्दी की गरिमा को ताक पर रखकर बनाई गई इस रील के वायरल होने के बाद विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है।

​सोशल मीडिया पर छाईं दरोगा निशा कुमारी

​मिली जानकारी के अनुसार, परबत्ता थाना में कार्यरत महिला एसआई निशा कुमारी का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म्स पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। वीडियो में महिला अधिकारी पुलिस की वर्दी में रील बनाती नजर आ रही हैं। ड्यूटी के दौरान या सरकारी परिसर में इस तरह के वीडियो बनाना विभागीय नियमों का सीधा उल्लंघन माना जा रहा है। जैसे ही यह वीडियो पुलिस मुख्यालय की नजर में आया, इस पर तत्काल संज्ञान लिया गया।

​एसडीपीओ की सख्त चेतावनी: जवाब-तलब शुरू

​गोगरी की एसडीपीओ साक्षी कुमारी ने इस मामले में बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने महिला एसआई निशा कुमारी से औपचारिक स्पष्टीकरण मांगा है। एसडीपीओ ने स्पष्ट किया कि पुलिस बल में अनुशासन सर्वोपरि है और वर्दी पहनकर किसी भी प्रकार की फूहड़ता या मनोरंजन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
​चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई है कि संबंधित महिला दरोगा को पूर्व में भी उनकी ऐसी सोशल मीडिया गतिविधियों के लिए चेतावनी दी जा चुकी थी, लेकिन उन्होंने इसे नजरअंदाज कर दिया।

​एसपी के लौटने पर होगा अंतिम फैसला

​वर्तमान में खगड़िया के पुलिस अधीक्षक (SP) अवकाश पर हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि एसपी के वापस आते ही मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट उन्हें सौंपी जाएगी। माना जा रहा है कि पूर्व की चेतावनियों के बावजूद की गई इस गलती के लिए उन पर कड़ी विभागीय या कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

​अनुशासन पर फिर उठे सवाल

​बिहार पुलिस मुख्यालय ने पहले ही पुलिसकर्मियों के लिए सोशल मीडिया गाइडलाइंस जारी कर रखी हैं। हाल ही में पूर्णिया में भी एक महिला दरोगा पर ऐसी ही कार्रवाई हुई थी। बावजूद इसके, पुलिसकर्मियों द्वारा सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने की होड़ विभागीय छवि को धूमिल कर रही है। अब सबकी नजरें एसपी के फैसले पर टिकी हैं कि वे इस अनुशासनहीनता पर क्या रुख अपनाते हैं।