किशनगंज। जिले से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां मलेशिया पुलिस और इमिग्रेशन विभाग ने अवैध रूप से रह रहे और काम कर रहे 40 युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। इन युवकों के पास से एक्सपायर वीजा बरामद हुआ है, जिसके बाद यह सख्त कार्रवाई की गई है। इस पूरी घटना के सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।

​हथकड़ी लगे वीडियो से हुआ खुलासा

​कोचाधामन के पूर्व विधायक मुजाहिद आलम ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कुछ वीडियो शेयर किए हैं, जो गिरफ्तार युवकों में शामिल नासिक बाबू ने उन्हें मलेशिया से भेजे हैं। इन वीडियो में युवक हाथों में हथकड़ी पहने हुए अपनी बदहाली और परेशानी की दास्तां बयां कर रहे हैं। मुजाहिद आलम के अनुसार, मलेशियन अधिकारियों ने इन सभी को उनके काम करने की जगहों से हिरासत में लिया है। गिरफ्तारी से बचने के लिए कुछ दिन पहले ये युवक जंगल में छिपकर वीडियो कॉल के जरिए अपनी आपबीती साझा कर रहे थे।

​नाहिद गनी पर धोखाधड़ी और शोषण के आरोप

​पूर्व विधायक ने AIMIM नेता नाहिद गनी पर इन युवकों के साथ धोखाधड़ी और भारी आर्थिक शोषण करने का सीधा आरोप लगाया है। उनके मुताबिक, ये सभी 40 युवक वही हैं जिन्हें लगभग सात महीने पहले नाहिद गनी के जरिए मलेशिया भेजा गया था। विदेश भेजने के नाम पर इन युवकों से भारी-भरकम रकम वसूली गई थी। गरीब परिवारों से ताल्लुक रखने वाले कई युवकों ने इसके लिए साहूकारों और बैंकों से कर्ज लिया था।

​न्याय की मांग और सियासी सरगर्मी

​मुजाहिद आलम ने सवाल उठाया है कि बेहतर भविष्य की उम्मीद में अपनी गाढ़ी कमाई और कर्ज का पैसा देने वाले इन बेकसूर युवकों का आखिर क्या कसूर है? उन्होंने प्रशासन और संबंधित जिम्मेदारों से इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने उन लोगों पर भी निशाना साधा जो खुद को न्याय का मसीहा बताते हैं लेकिन इस गंभीर संकट पर पूरी तरह चुप हैं। पूर्व विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने इस धोखाधड़ी के खिलाफ आवाज उठाई, तो नाहिद गनी के समर्थकों ने सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया।