इदरीश मोहम्मद, पन्ना। मध्य प्रदेश के पन्ना में क्षत्रिय महासभा ने सामाजिक सुधार की दिशा में आज एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए मृत्युभोज (तेरहवीं) की फिजूलखर्ची को समाप्त करने का संकल्प लिया है। महासभा की प्रेरणा से शहर के प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ. विजय परमार ने अपनी दिवंगत माताजी स्वर्गीय सरला कुमारी सिंह के निधन पर तेरहवीं भोज न करने का साहसिक निर्णय लेकर एक अनुकरणीय मिसाल पेश की है।
डॉ. परमार ने स्पष्ट किया कि सभी धार्मिक एवं शास्त्रीय कर्मकांड विधि-विधान से पूरे किए जाएंगे, लेकिन आडंबरपूर्ण भोज का आयोजन नहीं होगा। महासभा के सचिव मनु सिंह के अनुसार, कई परिवार सामाजिक दबाव में कर्ज लेकर यह भोज करते हैं, जिससे वे लंबे समय तक आर्थिक संकट में घिरे रहते हैं।
महासभा का उद्देश्य इस अनावश्यक खर्च को रोककर बचाई गई राशि का उपयोग समाज के असहाय, निर्धन और जरूरतमंद लोगों की निस्वार्थ सहायता में करना है। शोक के समय दिखावे की जगह सादगी और संवेदना की यह सुधारात्मक पहल पूरे समाज के लिए एक नया पथ-प्रदर्शक साबित हो रही है।
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