कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़. हरियाणा भाजपा में आंतरिक कलह तेज हो गई है। पूर्व सीएम चौधरी भजनलाल के बेटे और पार्टी नेता कुलदीप बिश्नोई की ‘बब्बर शेर’ वाली गरज के ठीक बाद प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने शिकंजा कस दिया। बिश्नोई को सोशल मीडिया पर वीडियो डालने और ‘मुंह खोलने’ के लिए नोटिस जारी करने की घोषणा कर दी गई।

मामला रेखा शर्मा के भजनलाल पर बयान से शुरू हुआ, लेकिन अब यह पार्टी अनुशासन का सवाल बन गया। मोहन लाल बड़ौली ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा, “कुलदीप बिश्नोई ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर मुद्दा बढ़ाया। उन्होंने जो कुछ बोला, उसका जवाब तलब किया जाएगा। हम उनको जल्द नोटिस जारी करेंगे। उन्होंने कहा कि चौधरी भजनलाल लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे, लेकिन बाप जैसा बेटा होना जरूरी नहीं। रेखा शर्मा ने चुनावी सभा में शब्द चयन में चूक की, कोई व्यक्तिगत आरोप नहीं लगाया। कुलदीप ने खुद इसे तूल दिया।

कुलदीप बिश्नोई ने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था जिसमें उन्होंने अपने पिता के अपमान पर कड़ा ऐतराज जताया था। इसमें उन्होंने कहा था कि “शेर को पिंजरे में रखो, लेकिन हाथ मत लगाओ। मैं वही पुराना बब्बर शेर हूं। मुझे मजबूर न करो कि कड़ा कदम उठाऊं।” उन्होंने रेखा शर्मा से माफी और बड़ौली से भजनलाल जी के सम्मान की मांग की थी। बिश्नोई ने कहा, “मैं पार्टी का अनुशासित सिपाही हूं, लेकिन पिता के सम्मान से समझौता नहीं। या नोटिस दो या माफी मांगो, मामला यहीं शांत नहीं होगा।

“बता दें, रेखा शर्मा ने सभा में भजनलाल पर ‘बदमाशी से चुनाव जीतने’ का आरोप लगाया। बिश्नोई ने बड़ौली के एक बयान का हवाला दिया, जहां उन्होंने भजनलाल का नाम बिना सम्मान के लिया। अब भाजपा का नोटिस बिश्नोई के वीडियो पर केंद्रित है, जो पार्टी लाइन से भटकाव माना जा रहा है। नगरीय चुनावों के बीच यह विवाद भाजपा के लिए चुनौती बन गया है। क्या बिश्नोई झुकेंगे या टकराव बढ़ेगा?