शिखिल ब्यौहार, भोपाल। लेंसकार्ट कंपनी जैसी घटना के बाद मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में परमाली वालेस कंपनी में कर्मचारियों के धार्मिक प्रतीकों पर प्रतिबंध को लेकर विवाद गहरा गया है। शहर के एमपी नगर स्थित परमाली वालेस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के खिलाफ हिंदू उत्सव समिति ने विरोध प्रदर्शन किया। समिति के अध्यक्ष चन्द्रशेखर तिवारी ने आरोप लगाया कि कंपनी ने नोटिस जारी कर कर्मचारियों को तिलक, अंगूठी, कड़ा, बाली, मंगलसूत्र और बिंदी जैसे धार्मिक प्रतीक पहनकर आने से मना किया है।
कंपनी के उत्पादों के बहिष्कार की अपील
उन्होंने इसे धार्मिक आस्था और परंपराओं पर आघात बताते हुए कहा कि इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। हिंदू उत्सव समिति ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर FIR दर्ज करने की मांग की है। साथ ही कंपनी के उत्पादों के बहिष्कार की अपील भी की गई है। वही फैक्ट्री प्रबंधन का कहना है कि यह सर्कुलर कंपनी की ओर से जारी किया गया था। उनका कहना है कि इन वस्तुओं के उपयोग से प्रोडक्ट रिजेक्ट होने की संभावना रहती है।
कड़ी और रेशे आधारित सांचों के निर्माण
परमाली वालेस प्राइवेट लिमिटेड एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है, जो कंपनी अधिनियम के तहत शेयरों द्वारा सीमित कंपनी के रूप में शासित है। यह कंपनी लकड़ी और रेशे आधारित सांचों के निर्माण में लगी हुई है। परमली वालेस प्राइवेट लिमिटेड एक गैर-सूचीबद्ध निजी कंपनी है, जिसकी स्थापना 17 अगस्त, 1961 को हुई थी। इसे प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के रूप में वर्गीकृत किया गया है और यह मध्यप्रदेश में स्थित है।

