“Time and tide wait for no one.” निरंतर गतिमान रहने वाला समय, प्रकृति का एक अनमोल उपहार है। जीवन में समय का महत्व धन और संपदा से अधिक माना गया है। समय न किसी के सुख में ठहरता है, न दुःख में रुकता है, न सफलता के क्षणों में टिक कर रहता है और न ही असफलता की घड़ी में स्थिर होता है। जो समय एक बार बीत गया वह फिर कभी लौटकर नहीं आता।

मनुष्य अक्सर यही सोचता है कि सही अवसर आने पर वह अपने सपनों को पूरा करेगा मगर अवसर भी एक विशिष्ट समय का ही नाम है वह भी किसी की प्रतीक्षा नहीं करता। अवसर की इसी अदा से वह व्यक्ति पछतावा करता नज़र आता है जो आज को टालकर कल पर निर्भर रहता है। अपने भविष्य की मजबूत नींव रखते हुए वे लोग ही दिखाई देते हैं जो जीवन के हर क्षण का सदुपयोग करते हैं। बालपन से युवावस्था और वृद्धावस्था तक जीवन की यात्रा हमें बताती है कि परिवर्तन जीवन का शाश्वत सत्य है। घड़ी की हर टिक-टिक के साथ जीवन का एक-एक क्षण कम हो रहा है। जीवन के प्रत्येक क्षण को सीखने, कर्म करने, प्रेम बाँटने और अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने में लगाना ही समझदारी है।

“क्षणशः कणशश्चैव विद्यामर्थं च साधयेत्।
क्षणे नष्टे कुतो विद्या, कणे नष्टे कुतो धनम्॥”

इस प्रसिद्ध संस्कृत श्लोक का अर्थ है कि मनुष्य को एक-एक क्षण का सदुपयोग करके विद्या या ज्ञान अर्जित करना चाहिए और एक-एक कण बचाकर धन का संग्रह करना चाहिए। समय को व्यर्थ गंवाने वाले को विद्या नहीं मिलती और किसी कण को तुच्छ समझने वाले को धन प्राप्त नहीं होता। संक्षेप में प्रत्येक क्षण और प्रत्येक कण का सदुपयोग करके ही विद्या और धन की प्राप्ति होती है।

“वक़्त रुकता नहीं किसी के लिए” इस पंक्ति में जीवन का गहरा रहस्य छुपा हुआ है। यह ठीक है कि समय को कोई नई रोक सकता मगर इतना ही सच यह भी है कि आपको वक्त पर अपना काम करने से भी कोई नहीं रोक रहा। समय का सही उपयोग करना आप के हाथ में है, समय का सम्मान करें और जिस दिन समय आपका सम्मान करेगा उस दिन आपकी मेहनत सफलता में बदल जाएगी।

संदीप अखिल

सलाहकार संपादक

न्यूज़ 24 मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़/लल्लूराम डॉट कॉम

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