लखनऊ. राजधानी लखनऊ की ट्रैफिक व्यवस्था को नई रफ्तार देने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है. शासन ने हैदर कैनाल (हैदर नहर) के ऊपर बनने वाली लगभग 11 किलोमीटर लंबी फोरलेन एलिवेटेड रोड परियोजना को अंतिम मंजूरी दे दी है. करीब तीन दशक से लंबित इस महत्वाकांक्षी योजना के अब धरातल पर उतरने का रास्ता साफ हो गया है.

परियोजना पूरी होने के बाद शहर के करीब 10 लाख लोगों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है. साथ ही हजरतगंज से वरुण विहार तक का सफर, जो अभी लगभग 50 मिनट का है, घटकर करीब 20 मिनट रह जाएगा.

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30 साल बाद मिली परियोजना को मंजूरी

हैदर कैनाल पर एलिवेटेड रोड बनाने का प्रस्ताव वर्ष 1998 से चर्चा में था. उस समय राइट्स (RITES) ने इसकी फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की थी और बाद में 1999 में संशोधित रिपोर्ट भी शासन को सौंपी गई. हालांकि भारी लागत और अन्य प्रशासनिक कारणों से परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी. अब शासन की अंतिम मंजूरी के बाद यह सपना साकार होता दिखाई दे रहा है.

10 लाख लोगों को मिलेगा सीधा फायदा

प्रस्तावित एलिवेटेड रोड मोहान रोड से कालिदास चौक (मुख्यमंत्री आवास) तक बनेगी. इससे कालिदास मार्ग, विक्रमादित्य मार्ग, राजभवन, चारबाग, दिलकुशा और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक का दबाव काफी कम होगा. रोजाना आने-जाने वाले हजारों वाहन भीड़भाड़ वाले चौराहों से बचकर सीधे एलिवेटेड रोड का इस्तेमाल कर सकेंगे.

जल्द शुरू होगी टेंडर प्रक्रिया

वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद संबंधित विभाग जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू करेगा. निर्माण कार्य के दौरान ट्रैफिक प्रभावित न हो, इसके लिए विशेष डायवर्जन प्लान भी तैयार किया जाएगा. अधिकारियों का कहना है कि परियोजना को तय समयसीमा में पूरा करने की तैयारी की जा रही है.

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अतिक्रमण हटाकर विकसित होगा कॉमर्शियल हब

परियोजना के तहत हैदर कैनाल के किनारे मौजूद अतिक्रमण हटाए जाएंगे. जानकारी के अनुसार, करीब 10 हजार से अधिक लोगों का पुनर्वास किया जाएगा. वहीं चारबाग और आसपास के क्षेत्र में आधुनिक कॉमर्शियल हब विकसित करने की भी योजना है. एलडीए का मानना है कि इससे आगरा एक्सप्रेसवे के पास विकसित हो रही वरुण विहार आवासीय योजना को शहर से सीधा और तेज संपर्क मिलेगा, जिससे राजधानी के विकास को नई गति मिलेगी.