Lumpy Virus in Haryana : चंडीगढ़। हरियाणा में गोवंश को प्रभावित करने वाले लम्पी त्वचा रोग ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में संक्रमण के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। सरकारी आंकड़ों और स्थानीय स्तर से मिली जानकारी के मुताबिक, अब तक 10 हजार से ज्यादा पशु इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं, जबकि 100 से अधिक गोवंश की मौत होने की बात सामने आई है। बीमारी के बढ़ते मामलों को देखते हुए पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने निगरानी और रोकथाम की गतिविधियां तेज कर दी हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण का असर ज्यादा दिखाई दे रहा है। संक्रमित पशुओं में शरीर पर गांठें पड़ना, तेज बुखार और भूख कम लगना जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं। बीमारी का असर पशुओं के स्वास्थ्य के साथ-साथ दूध उत्पादन पर भी पड़ रहा है। दूध की मात्रा कम होने और पशुओं की मौत के मामलों से पशुपालक और डेयरी संचालक चिंतित हैं।

प्रभावित इलाकों में पशु चिकित्सकों की टीमें सक्रिय

स्थिति को देखते हुए हरियाणा पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में विशेष पशु चिकित्सा टीमों को सक्रिय किया है। संक्रमण वाले इलाकों की पहचान कर वहां पशुओं की जांच और निगरानी की जा रही है। विभाग की ओर से बड़े स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाने के साथ फॉगिंग और सैनिटाइजेशन जैसी गतिविधियां भी कराई जा रही हैं, ताकि बीमारी के प्रसार को नियंत्रित किया जा सके।

बीमार पशुओं को तुरंत अलग रखने की सलाह

विभाग ने पशुपालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। अधिकारियों के मुताबिक, अगर किसी पशु में लम्पी बीमारी से जुड़े लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे तुरंत स्वस्थ पशुओं से अलग कर देना चाहिए। साथ ही बिना देरी किए नजदीकी सरकारी पशु अस्पताल या पशु चिकित्सक से संपर्क करने की अपील की गई है।

पशुओं की आवाजाही पर भी निगरानी

संक्रमण को दूसरे इलाकों तक फैलने से रोकने के लिए पशु बाजारों और पशुओं के एक स्थान से दूसरे स्थान पर परिवहन को लेकर भी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगाने के निर्देश दिए जा रहे हैं। विभाग का फोकस संक्रमण की चेन को तोड़ने और समय रहते संक्रमित पशुओं की पहचान करने पर है।

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