दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए इमारत हादसे के मामले में पुलिस ने पांचवीं गिरफ्तारी की है। बिल्डिंग मालिक और बेसमेंट में निर्माण कार्य करा रहे ठेकेदार के बाद अब पुलिस ने इमारत को लीज पर लेकर PG चलाने वाले सुधांशु को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, सुधांशु ने इमारत के मालिक हरिराम बंसल से इसे लीज पर लिया था और यहां PG का संचालन कर रहा था। हादसे के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज करते हुए PG संचालन से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल शुरू की थी।

दिल्ली में अवैध और असुरक्षित इमारतों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में ईस्ट दिल्ली के तीन इलाकों में आज डिमोलिशन और सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। इनमें लक्ष्मी नगर, न्यू अशोक नगर और पांडव नगर शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान चिन्हित इमारतों को गिराने के साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाली संपत्तियों को सील किया जाएगा।

अगस्त 2025 से लीज पर थी इमारत

दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को ढही इमारत में PG संचालित करने वाले व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस बुधवार को यह जानकारी दी। पूछताछ के दौरान पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बेहद खराब हालत वाली इमारत को किन शर्तों पर PG संचालन के लिए लीज पर लिया गया था। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, महेश ने अगस्त 2025 से इमारत को दो बिजनेस पार्टनर्स शुभम त्यागी और सुधांशु को लीज पर दिया था। दोनों ने इमारत को लीज पर लेकर ‘Hostel Daze’ के नाम से PG संचालित किया था। हादसे के बाद पुलिस ने PG संचालन से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच शुरू की। इसी क्रम में सुधांशु को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उसका बिजनेस पार्टनर शुभम त्यागी फिलहाल फरार बताया जा रहा है। पुलिस सुधांशु से पूछताछ कर रही है।

महेश ने पुलिस कस्टडी में क्या बताया?

सत्य निकेतन हादसे के आरोपियों में शामिल महेश की दो दिन की पुलिस कस्टडी आज खत्म हो रही है। पुलिस उसे साउथ कैंपस थाने से कोर्ट में पेश करने के लिए लेकर रवाना हुई है। महेश के साथ बिल्डिंग कॉन्ट्रैक्टर और एक राजमिस्त्री को भी कोर्ट में पेश किया जा रहा है। पुलिस कस्टडी के दौरान हुई पूछताछ में सामने आई जानकारी के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।

सुधांशु से पुलिस कर रही पूछताछ

दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर एक इमारत अचानक ढह गई थी। हादसे के बाद मलबे से 12 लोगों को बाहर निकाला गया, जिनमें से सात की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हुए। इमारत का इस्तेमाल छात्रों के लिए पेइंग गेस्ट (PG) के रूप में किया जा रहा था। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को बताया कि PG संचालक सुधांशु को गिरफ्तार कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और हादसे से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।

अब तक कौन-कौन पकड़ा गया?

इस मामले में पुलिस इससे पहले इमारत की मालकिन 75 वर्षीय उर्मिला गुप्ता, उनके पति और वायुसेना से सेवानिवृत्त 81 वर्षीय हरिराम गुप्ता और उनके बेटे 52 वर्षीय महेश गुप्ता को गिरफ्तार कर चुकी है। इसके अलावा, इमारत के तलघर में मरम्मत का काम करा रहे ठेकेदार सोनाज को उत्तर प्रदेश के कासगंज से गिरफ्तार किया गया था।

बुलडोजर नहीं हथौड़े से होगी तोड़फोड़

दिल्ली के सत्य निकेतन में हादसे के बाद कमजोर और जर्जर इमारत को हटाने की कार्रवाई शुरू हो गई है। इमारत के अंदर मौजूद पूरा सामान बाहर निकाल लिया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास बनी 5-6 इमारतों को भी खाली करा दिया गया है। जर्जर इमारत को गिराने के लिए बुलडोजर या भारी मशीनों का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। इमारत को हथौड़े और दूसरे जरूरी औजारों की मदद से धीरे-धीरे तोड़ा जा रहा है, ताकि आसपास की इमारतों को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे। फिलहाल MCD की टीम मौके पर मौजूद है और हादसे में ढही इमारत के बगल में स्थित कमजोर बिल्डिंग को हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। मौके पर भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है।

पूरी दिल्ली के PG की होगी मैपिंग

सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने दिल्ली में संचालित सभी PG की सुरक्षा जांच को लेकर बड़ा कदम उठाया है। MCD कमिश्नर ने राजधानी के हर PG की मैपिंग करने का आदेश दिया है। इसके जरिए यह पता लगाया जाएगा कि PG के रूप में इस्तेमाल हो रही संपत्तियां सुरक्षा मानकों और भवन निर्माण नियमों का पालन कर रही हैं या नहीं। MCD ने अवैध पांचवीं मंजिल के निर्माण को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए हैं। यदि किसी निर्माणाधीन इमारत में बिना अनुमति पांचवीं मंजिल बनाई जा रही है, तो उसे तुरंत गिराने की कार्रवाई की जाएगी।

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