मधेपुरा। जिले के मुरलीगंज थाना क्षेत्र स्थित जेडी पब्लिक स्कूल में हुई 6 वर्षीय मासूम छात्र आनंद प्रेम की मौत के मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। रविवार को हॉस्टल के टॉयलेट पाइप से बंधी मिली बच्चे की लाश के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस हत्याकांड के पीछे का कारण अवैध संबंध और उसे छुपाने की हताशा थी।

घटना का कारण: मासूम ने देख ली थी आपत्तिजनक स्थिति

पुलिस जांच और DSP चेतनानंद झा के बयानों के अनुसार स्कूल के टीचर अंकित का हॉस्टल संचालक सुनील यादव की पत्नी अंजलि कुमारी के साथ अवैध संबंध था। घटना वाले दिन, 6 वर्षीय छात्र आनंद प्रेम ने अनजाने में इन दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया। बच्चे ने डरकर चिल्लाना शुरू कर दिया। मामले के उजागर होने के डर से अंजलि ने तुरंत टीचर अंकित को बच्चे का मुंह और नाक दबाने को कहा। जिसके बाद अंकित ने वही किया। जिस कारण दम घुटने से मौके पर ही मासूम की मौत हो गई।

सुसाइड का नाटक रचने की नाकाम कोशिश

बच्चे की जान लेने के बाद तीनों आरोपियों ने इसे आत्महत्या दिखाने का कुचक्र रचा। शव को टॉयलेट के पास पाइप से गमछे के सहारे लटका दिया गया ताकि यह आत्महत्या लगे। इसके बाद उन्होंने बच्चे के शव को गाड़ी में बाहर ले जाने की कोशिश की लेकिन ग्रामीणों को देखते हुए वे डर गए और शव को वापस स्कूल परिसर में ही छोड़ दिया। स्कूल संचालक सुनील कुमार ने बच्चे की मां को फोन कर घटना की सूचना दी और शव को घर तक पहुंचाया।

साथी छात्र ने देखा था खौफनाक मंजर

इस घटना का खुलासा तब और पुख्ता हुआ जब उसी स्कूल के एक अन्य छात्र ने भयावह सच बयां किया। कक्षा चौथी के छात्र आकाश ने बताया कि रात के करीब 12 बजे उसकी नींद खुली तो उसने देखा कि दो लोग आनंद प्रेम के गले में रस्सी बांधकर उसे मार रहे हैं। वह मासूम दर्द से छटपटा रहा था। जब वह शिक्षक को बताने के लिए गया तब तक आरोपी स्कूल के पिछले रास्ते से भाग निकले थे।

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने SIT का गठन किया। मां गुंजन देवी की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने टीचर अंकित और हॉस्टल मालिक सुनील कुमार को गिरफ्तार कर लिया है जबकि मुख्य साजिशकर्ता अंजलि कुमारी अभी भी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है। इस घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है और निजी स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।