संजय पाटीदार, भोपाल। त्योहारों की मिठास में जहर घोलने वाले मिलावटखोरों पर अब सरकार का शिकंजा कसता नजर आ रहा है। मध्यप्रदेश में मिलावटी दूध और दुग्ध उत्पादों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। 20 जुलाई से 10 अगस्त तक लिए गए 2234 नमूनों में 73 नमूने जांच में फेल पाए गए हैं। 

सबसे ज्यादा चिंता घी के नमूनों को लेकर है। भोपाल और इंदौर के घी के नमूने फेल पाए गए हैं। इतना ही नहीं अभियान में लापरवाही बरतने वाले मुरैना, सागर,पन्ना तीन खाद्य सुरक्षा अधिकारियों पर भी गाज गिरी है और उन्हें निलंबित कर दिया गया है। एमपी में मिलावटखोर सिर्फ कानून नहीं तोड़ रहे बल्कि चंद रुपयों के लालच में लोगों की सेहत से सीधा खिलवाड़ कर रहे हैं। दूध, घी, मावा और पनीर जैसी रोजमर्रा की चीजों में मिलावट का असर सीधे परिवारों की सेहत पर पड़ता है। 

दूध, मावा, पनीर और घी त्योहारों के सीजन में मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने के लिए मध्य प्रदेश में प्रदेशव्यापी अभियान चलाया जा रहा है। 20 जुलाई से 10 अगस्त तक चले अभियान में 2234 नमूने लिए गए। जिनमें 73 नमूने जांच में फेल पाए गए। इनमें 849 दूध, 106 मावा, 296 पनीर, 601 घी और 382 अन्य दुग्ध उत्पादों के नमूने शामिल हैं।

सबसे ज्यादा चौंकाने वाली रिपोर्ट घी के नमूनों को लेकर सामने आई है। भोपाल के 13 और इंदौर के 8 घी के नमूने असुरक्षित पाए गए। भोपाल में द्वारकेश, शगुन, गोवर्धन, दानेदार, भूमि, धोलपुर फ्रेश और भूमि प्रीमियम प्योर के नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे। वही डिंडौरी के वास्तु और गोपी श्री, इंदौर के श्री सुधा प्रीमियम, गुमार प्योर, और वास्तु एगमार्क देशी घी के नमूने असुरक्षित मिले।

खाद एवं ओषधि प्रशासक नियंत्रक अधिकारी मनोज पुष्प ने बताया कि सीएम के निर्देश पर मिलावट खोरों पर प्रदेश में कार्रवाई की जा रही है ताकि आम जन को शुद्ध खाद्य पदार्थ मिल सके। 

मिलावट के खिलाफ इस कार्रवाई में सिर्फ सैंपलिंग ही नहीं हुई बल्कि बड़ी मात्रा में संदिग्ध सामग्री भी जब्त की गई। अभियान के दौरान 44 हजार 407 किलो सामग्री जब्त की गई, जिसकी कीमत करीब 2.73 करोड़ रुपए बताई गई है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद 8 लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, जबकि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत 38 मामले दर्ज किए गए और एक मामले में FIR भी दर्ज कराई गई। 

खास बात ये है कि कार्रवाई सिर्फ कारोबारियों तक सीमित नहीं रही। अभियान की समीक्षा में लापरवाही मिलने पर मुरैना के अवनीश गुप्ता, सागर की प्रीति राय और पन्ना के राजेश राय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। वहीं अलग-अलग जिलों के 42 उप संचालक /अभिहित अधिकारियों/खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को भी कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। 

कार्रवाई हुई तो मध्य प्रदेश में इसको लेकर सियासत शुरू हो गई। कांग्रेस प्रवक्ता स्वदेश शर्मा ने सरकार पर निशाना चाहते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में दो दशकों से ज्यादा भाजपा की सरकार है लेकिन मिलावट खोरी पर अभी तक कोई कड़ी कार्रवाई नहीं हुई। अगर कार्रवाई होती भी है तो परिणाम नहीं दिखता।

वहीं भाजपा प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कहा कि त्योहारों को देखते हुए सभी जिलों को निर्देश जारी कर दिए हैं कोई भी नकली दूध या अन्य नकली खाद्य पदार्थ की बिक्री करता है तो उन पर NSA की कार्रवाई भी की जा रही है और उन्हें जेल भेजा जाएगा इसके परिणाम मिल रहे हैं। कांग्रेस नकारा राजनीति करती है कांग्रेस के नेता कालाबाजारी करने वालों को संरक्षण देना चाहते हैं कांग्रेस कांग्रेस को बताना चाहिए की कालाबाजारी करने वालों से उनके क्या संबंध है।

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