संजय तिवारी, बलिया. उभांव थाना क्षेत्र के सोनाडीह (दोथ) गांव में पूर्व सीआरपीएफ जवान अमरेश बहादुर सिंह की हत्या के बाद परिवार ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया. करीब 16 घंटे तक शव घर पर रखा रहा. पत्नी और तीनों बेटियां हत्यारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़ी रहीं. बड़ी बेटी कृतिका पेट्रोल से भरी केन लेकर शव के पास बैठ गई और हत्यारों के एनकाउंटर की मांग करने लगी. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई थानों की फोर्स मौके पर तैनात रही तथा पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी परिवार को समझाने में जुटे रहे.
कृतिका ने कहा कि घटना के समय अंधेरा था. वह और उसकी बहन रितिका चीखती रहीं, लेकिन उनकी आंखों के सामने पिता घायल होकर गिर पड़े. पत्नी ने कहा कि उसकी आंखों के सामने पति की बेरहमी से हत्या कर दी गई. उसने हत्यारों के एनकाउंटर और उनके मकान पर बुलडोजर चलाने की मांग की. साथ ही चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं हुई तो परिवार आत्मदाह करने को मजबूर होगा. परिजनों का कहना है कि अमरेश बहादुर सिंह परिवार में इकलौते कमाने वाले थे. उनकी मौत के बाद पत्नी और तीन बेटियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. वहीं, हमले में घायल मृतक के छोटे भाई मंजेश सिंह की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका उपचार चल रहा है.सुबह काफी देर तक समझाने के बावजूद जब परिवार अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं हुआ तो एडीएम अनिल कुमार मौके पर पहुंचे. उन्होंने परिजनों से करीब एक घंटे तक वार्ता कर उनकी मांगों को गंभीरता से सुना.
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शासन स्तर से हरसंभव सहायता दिलाने का आश्वासन मिलने के बाद परिवार अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुआ. एडीएम ने आश्वस्त किया कि मृतक के आश्रितों को शासन से मिलने वाली हरसंभव आर्थिक सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा. बच्चों की शिक्षा-दीक्षा के लिए भी सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया गया. परिवार की सुरक्षा को देखते हुए शस्त्र लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया तथा घर पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती का भी आश्वासन दिया गया. सीओ रसड़ा रजनीश कुमार ने भी परिवार को सुरक्षा के संबंध में आश्वस्त किया.परिजनों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से तीन दिन बाद मुलाकात कराने का आश्वासन भी दिया गया. एडीएम ने बताया कि एमएलसी रविशंकर उर्फ पप्पू सिंह और परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह की ओर से मुख्यमंत्री से परिवार की मुलाकात कराने के लिए बातचीत की गई है. परिवहन मंत्री ने भी जल्द पीड़ित परिवार से मिलने और शासन स्तर से हरसंभव मदद कराने का भरोसा दिया है.
इसके बाद मृतक अमरेश बहादुर सिंह का अंतिम संस्कार गुलौरा मठिया शिव स्थान पर किया गया. मुखाग्नि मृतक के छोटे भाई मंजेश सिंह के बड़े पुत्र रुद्र प्रताप सिंह ने दी. इस दौरान सीयर ब्लॉक प्रमुख आलोक कुमार सिंह भी मौके पर मौजूद रहे और उन्होंने शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया. इधर, हत्या के मामले में पुलिस ने नामजद आरोपी गिरीश की बेटी खुशी, पत्नी शीला सिंह और बेटे सूरज को गिरफ्तार किया है. दो अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमें गठित की गई हैं. पुलिस संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है.मौके पर एएसपी दिनेश कुमार शुक्ल, एसडीएम शरद चौधरी, तहसीलदार राजू कुमार, पूर्व मंत्री छट्ठू राम, बसपा नेता भारत भैया, जिला पंचायत सदस्य दिनेश यादव फौजी, सीयर ब्लॉक प्रमुख आलोक कुमार सिंह समेत ग्राम पंचायत के कई लोग मौजूद रहे. सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात रही.



