मोहम्मद करीमुल्लाह/ मधुबनी। जिले के बिस्फी प्रखंड अंतर्गत सोहास पंचायत के केरवार गांव में आज एक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। तालाब में डूबने से पांच बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने न केवल इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया, बल्कि मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए रिकॉर्ड समय में प्रभावित परिवारों तक सरकारी सहायता पहुंचाई।

​क्या है पूरा मामला?

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, केरवार गांव में आज दोपहर यह दुखद हादसा हुआ। गांव के तालाब में नहाने गए छह बच्चे अचानक गहरे पानी की चपेट में आ गए। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। ग्रामीणों ने अदम्य साहस दिखाते हुए एक बच्चे को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया और उसे अस्पताल भेजा, जहां उसका उपचार चल रहा है, लेकिन दुर्भाग्यवश पांच बच्चों की जान नहीं बचाई जा सकी।

​जिलाधिकारी की त्वरित पहल और जांच के आदेश

​घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने इसे अत्यंत गंभीरता से लिया। उन्होंने तत्काल अपर समाहर्ता (आपदा), जिला आपदा प्रभारी और बेनीपट्टी अनुमंडल पदाधिकारी को घटनास्थल पर पहुंचने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी स्वयं इस पूरे घटनाक्रम की मॉनिटरिंग करते रहे।
​जिलाधिकारी ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के लिए बेनीपट्टी एसडीओ और एसडीपीओ को आदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस घटना में यदि किसी भी स्तर पर कोई चूक या दोषी पाया जाता है, तो उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

​5 घंटे के भीतर मिली सहायता राशि

​प्रशासनिक तत्परता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिलाधिकारी के निर्देश के महज पांच घंटे के भीतर आपदा प्रबंधन विभाग के नियमों के अनुसार, मृतक पांचों बच्चों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि का चेक सौंप दिया गया। जिलाधिकारी ने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन की पूरी टीम इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ी है।
​इस संवेदनशील कार्रवाई के लिए प्रभावित परिवारों ने जिला प्रशासन का आभार जताया है। घटना के बाद से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है, लेकिन प्रशासन द्वारा दी गई त्वरित आर्थिक सहायता ने परिवारों को कुछ राहत पहुंचाने का प्रयास किया है।