मोहम्मद करीमुल्लाह/मधुबनी। इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (INTACH) के तत्वावधान में स्थानीय इंडियन पब्लिक स्कूल, स्टेडियम रोड के सभागार में स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए नो योर हेरिटेज विषय पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. शिव कुमार मिश्र ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
विरासत को सहेजने का संकल्प
INTACH के बिहार राज्य को-कन्वेनर डॉ. शिव कुमार मिश्र ने कहा कि अनजाने में ही सही हम अपनी धरोहरों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। मूर्तियों पर अत्यधिक सिन्दूर का लेपन दीवारों पर नाम लिखना और संरक्षण के नाम पर सीमेंट का उपयोग करना पुरातात्विक महत्व की वस्तुओं को नष्ट कर रहा है। उन्होंने पीपीटी के माध्यम से बिहार के विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों और जल संरक्षण के प्रयासों को साझा करते हुए कहा कि अपनी गौरवशाली विरासत को बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।


मधुबनी का ऐतिहासिक गौरव और संभावनाएं
विशिष्ट अतिथि डॉ. नरेन्द्र नारायण सिंह निराला ने मधुबनी जिले में स्थित पुरातात्विक स्थलों की विस्तृत सूची प्रस्तुत की। उन्होंने जिले की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहरों पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से इनके संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ. अभिषेक कुमार ने कहा कि जिले की ऐतिहासिक पहचान अत्यंत गौरवपूर्ण है, जिसका प्रमाण बलिराजगढ़ का उत्खनन है। उन्होंने जिले में रामायण सर्किट और बौद्ध सर्किट के विकास की प्रबल संभावनाओं पर जोर देते हुए छात्रों को INTACH की युवा क्विज प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
जागरूकता का आह्वान
आयोजन का उद्देश्य युवाओं के दृष्टिकोण में व्यापक बदलाव लाना था ताकि वे अपनी जड़ों और अतीत की उपलब्धियों पर गर्व कर सकें। कार्यक्रम के अंत में आईपीएस स्कूल के प्रिंसिपल ठाकुर नरेन्द्र प्रताप सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर INTACH के सदस्य प्रतीक प्रभाकर, डॉ. यूएन तिवारी, डॉ. शिव कुमार पासवान, डॉ. चंदन कुमारी, उदय जायसवाल, भोलानन्द झा, संजीव कुमार झा, कपिल कुमार झा और अत्सुजीत राजन सिंह सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

