Bihar news: महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) में सामने आई कथित अनियमितताओं की आंच अब बिहार के वैशाली जिले तक पहुंच गई है। बुधवार देर रात महाराष्ट्र पुलिस की एक विशेष टीम ने स्थानीय नगर थाना पुलिस के साथ मिलकर हाजीपुर शहर के कचहरी रोड स्थित एक साइबर कैफे में अचानक छापेमारी की। इस कार्रवाई ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी।

​फर्जी दस्तावेजों के गिरोह पर प्रहार

​सूत्रों के अनुसार, यह छापेमारी टीईटी परीक्षा में इस्तेमाल किए जाने वाले फर्जी पहचान-पत्र, जाली प्रमाण-पत्र और ऑनलाइन धोखाधड़ी के एक अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ करने के उद्देश्य से की गई है। महाराष्ट्र पुलिस के आधा दर्जन से अधिक अधिकारियों की टीम ने साइबर कैफे को घेरकर संचालक से गहन पूछताछ की। इस दौरान कैफे से जुड़े कंप्यूटर, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों को खंगाला गया।
​स्थानीय नगर थाना अध्यक्ष सिकंदर कुमार ने बताया कि महाराष्ट्र पुलिस ने सहयोग मांगा था, जिसके तहत यह संयुक्त कार्रवाई की गई। छापेमारी करीब एक घंटे से अधिक समय तक चली। जांच एजेंसियों का मुख्य उद्देश्य लैपटॉप, मोबाइल फोन और ईमेल के जरिए उस नेटवर्क तक पहुंचना है जो इस फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहा था।

​भिवंडी कनेक्शन और एसआईटी की सख्ती

​यह पूरी कार्रवाई महाराष्ट्र के भिवंडी में हुई तीन गिरफ्तारियों की कड़ियों को जोड़ने के लिए की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर ही पुलिस हाजीपुर तक पहुंची है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र सरकार ने इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए 28 जून 2026 को होने वाली टीईटी परीक्षा को पहले ही स्थगित कर दिया था। वर्तमान में इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।
​जांच टीम का कहना है कि यह एक संगठित गिरोह है और पूरे नेटवर्क का खुलासा होने तक जांच का दायरा बढ़ता रहेगा। पुलिस फिलहाल डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर इस रैकेट से जुड़े मास्टरमाइंड और अन्य सदस्यों की पहचान करने में जुटी है। इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि सरकार और पुलिस प्रशासन इस मामले में किसी भी स्तर पर नरमी बरतने के मूड में नहीं हैं ताकि भविष्य में परीक्षा की शुचिता बनी रहे। आने वाले दिनों में और भी कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।