दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने कमर्शियल कोर्ट की अध्यक्षता कर रहीं डिस्ट्रिक्ट जज वीणा रानी (Veena Rani) को निलंबित कर दिया है। यह फैसला 10 जुलाई को आयोजित फुल कोर्ट बैठक में लिया गया था। इसी बैठक में एक अन्य डिस्ट्रिक्ट जज विनय सिंघल (Vinay Singhal) को भी निलंबित करने का निर्णय लिया गया था। कम समय के भीतर न्यायिक अधिकारियों के खिलाफ यह दूसरा निलंबन का मामला है, जिसने न्यायिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है। जानकारी के अनुसार, वीणा रानी के खिलाफ यह कार्रवाई दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice) डी.के. उपाध्याय के निर्देश पर कराई गई विजिलेंस जांच के बाद की गई। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर फुल कोर्ट ने उनके निलंबन का फैसला लिया।
जानकारी के अनुसार, विनय सिंघल पर आरोप है कि उन्होंने कुछ ऐसे वकीलों को कोर्ट ऑक्शनियर (Court Auctioneer) नियुक्त किया, जो निर्धारित पात्रता मानकों पर खरे नहीं उतरते थे। इसके अलावा, उन पर ऐसे न्यायिक आदेश पारित करने का भी आरोप है, जिनके कारण संबंधित व्यक्तियों को नियमों के तहत निर्धारित सीमा से अधिक भुगतान मिल सका। इन्हीं आरोपों के आधार पर मामले की जांच की गई, जिसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट की फुल कोर्ट बैठक में उन्हें निलंबित करने का निर्णय लिया गया।
यह रिजॉल्यूशन 15 जुलाई को हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल अरुण भारद्वाज द्वारा जारी किया गया। इससे पहले, 10 जुलाई को हुई फुल कोर्ट बैठक में वीणा रानी को निलंबित करने का फैसला लिया गया था। इसी बैठक में डिस्ट्रिक्ट जज विनय सिंघल के निलंबन का भी निर्णय लिया गया था, जिसे उसी दिन सार्वजनिक कर दिया गया था।
रिजॉल्यूशन में कहा गया है कि वीणा रानी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने पर विचार किया जा रहा है। आदेश में उल्लेख है कि, “चूंकि दिल्ली हायर ज्यूडिशियल सर्विस की अधिकारी वीणा रानी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने पर विचार किया जा रहा है, इसलिए यह न्यायालय ऑल इंडिया सर्विसेज (डिसिप्लिन एंड अपील) रूल्स, 1969 के नियम 3(1)(a) तथा दिल्ली हायर ज्यूडिशियल सर्विस रूल्स, 1970 के नियम 27 के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए वीणा रानी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करता है।”
सस्पेंशन के दौरान दिल्ली छोड़ने की भी रोक
दिल्ली हाई कोर्ट ने निलंबित डिस्ट्रिक्ट जज वीणा रानी के संबंध में जारी आदेश में उनके मुख्यालय और आवाजाही को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं। हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी रिजॉल्यूशन में कहा गया है कि निलंबन अवधि के दौरान वीणा रानी का मुख्यालय साकेत कोर्ट स्थित कार्यालय रहेगा। आदेश के अनुसार, सस्पेंशन की अवधि में वीणा रानी का मुख्यालय प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज (मुख्यालय), साकेत कोर्ट, दिल्ली का कार्यालय होगा। उन्हें इसी मुख्यालय से संबद्ध माना जाएगा, जब तक निलंबन संबंधी आदेश प्रभावी रहेगा। रिजॉल्यूशन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि वीणा रानी सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना दिल्ली की सीमा नहीं छोड़ सकेंगी। यह शर्त निलंबन अवधि के दौरान लागू रहेगी।
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