कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़: हरियाणा की खेती को बंजर होने से बचाने और किसानों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब प्रदेश के किसानों की जमीन की ‘हेल्थ रिपोर्ट’ तैयार होगी। इसके लिए सरकार 332 ऑर्गेनिक कार्बन एनालिसिस किट खरीदेगी, जिनकी मदद से यह पता लगाया जाएगा कि किसान के खेत में कितनी उपजाऊ ताकत बची है और मिट्टी कितनी स्वस्थ है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने रविवार को हाई पॉवर्ड परचेज कमेटी की बैठक में इस खरीद को मंजूरी दी।

कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि करीब 2.5 करोड़ रुपए की लागत से खरीदी जाने वाली ये आधुनिक किट प्रदेश की 106 सरकारी लैबोरेट्रीज में लगाई जाएंगी। इन प्रयोगशालाओं में किसानों के खेतों से लिए गए मिट्टी के नमूनों की वैज्ञानिक जांच होगी, जिससे किसानों को यह सटीक जानकारी मिल सकेगी कि उनकी मिट्टी में ऑर्गेनिक कार्बन का स्तर कितना है। सरकार का मानना है कि मिट्टी की सही जांच से फसल उत्पादन बढ़ाने और बंजर होती जमीन को बचाने में बड़ी मदद मिलेगी।

मंत्री ने कहा कि अच्छी फसल के लिए मिट्टी में 0.5 से 0.75 प्रतिशत ऑर्गेनिक कार्बन होना जरूरी है, जबकि 1 प्रतिशत या उससे अधिक स्तर सबसे आदर्श माना जाता है। अगर किसी खेत में यह मात्रा 0.5 प्रतिशत से कम मिलती है तो वह मिट्टी कमजोर मानी जाती है और उसकी पोषण देने की क्षमता धीरे-धीरे खत्म होने लगती है। उन्होंने बताया कि ऑर्गेनिक कार्बन मिट्टी की ‘रीढ़’ की तरह काम करता है, जो नमी बनाए रखने, पोषक तत्वों को जड़ों तक पहुंचाने और फसल को सूखे जैसी परिस्थितियों से लड़ने में मदद करता है।

श्याम सिंह राणा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल फसल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों को अत्यधिक रासायनिक खादों की निर्भरता से बाहर निकालकर ‘कर्जमुक्त खेती और कर्जमुक्त परिवार’ की दिशा में आगे बढ़ाना है। बैठक में शिक्षा मंत्री महीपाल सिंह ढांडा, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।