ED ने आम आदमी पार्टी के नेता दीपक सिंगला को गिरफ्तार कर लिया है। सोमवार को दिल्ली और गोवा में कई ठिकानों पर ED की टीमों ने घंटों तक छापेमारी की। इसी कार्रवाई के बाद एजेंसी ने AAP नेता दीपक सिंगला को हिरासत में लेकर बाद में गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों के मुताबिक, यह पूरा मामला कथित बैंक लोन फ्रॉड से जुड़ा हुआ है, जिसमें वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच की जा रही है। जांच के तहत कई दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड्स की भी पड़ताल की जा रही है। ED की टीम ने सुबह से ही दिल्ली और गोवा के विभिन्न ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की थी ।

दीपक सिंगला दिल्ली की विश्वास नगर विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार रह चुके हैं। 2024 में भी उनके खिलाफ चल रही जांच के दौरान ईडी ने उनके आवास पर छापेमारी की थी। सिंगला को पार्टी संगठन के विस्तार से भी जोड़ा जाता है, खासकर महाराष्ट्र और गोवा में पार्टी की गतिविधियों को बढ़ाने की रणनीति में उनकी भूमिका बताई जाती है।

इस बीच, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश की है। उन्होंने आरोप लगाया कि गोवा में आम आदमी पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता के चलते यह कार्रवाई की गई है। आतिशी ने यह भी दावा किया कि गोवा में AAP कार्यकर्ताओं पर भी छापेमारी हुई है और इसे पश्चिम बंगाल जैसे मामलों से जोड़ते हुए कहा कि विपक्षी दलों का डेटा और संगठन कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।

9 दिन में दूसरा बड़ा ऐक्शन

सूत्रों के मुताबिक, ईडी की टीम ने सिंगला से घंटों पूछताछ की। इस दौरान वे कई सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, जबकि कुछ सवालों को टालते रहे। इसके बाद जांच एजेंसी ने उन्हें गिरफ्तार करने का फैसला लिया। इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि बीते कुछ दिनों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई का दायरा बढ़ा है और इसे राजनीतिक रूप से देखा जा रहा है। गौरतलब है कि 9 मई को भी एक अलग मामले में पंजाब सरकार में मंत्री संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी हुई थी। ऐसे में 9 दिनों के भीतर आम आदमी पार्टी के दो बड़े नेताओं की गिरफ्तारी ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है।

जहां चुनाव, वहांं ED-CBI की कार्रवाई

इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी नेता और पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जहां-जहां चुनाव होते हैं, वहां विपक्षी दलों के नेताओं पर जांच एजेंसियों की कार्रवाई बढ़ जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2025 में दिल्ली में चुनाव थे, तो उससे पहले 2022, 2023 और 2024 के दौरान ईडी और सीबीआई की कार्रवाई दिल्ली के नेताओं पर केंद्रित रही। उनके अनुसार, कई मंत्रियों, सांसदों और यहां तक कि मुख्यमंत्री स्तर के नेताओं तक को जांच का सामना करना पड़ा।

सौरभ भारद्वाज ने आगे दावा किया कि पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के दौरान भी ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग की सक्रियता बढ़ी थी। अब पंजाब और गोवा में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने के बीच वहां भी छापेमारी और जांच कार्रवाई हो रही है। उन्होंने कहा कि गोवा में AAP के सह-प्रभारी दीपक सिंगला के दिल्ली और गोवा स्थित ठिकानों पर ईडी ने छापेमारी की, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी हुई। पार्टी का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक रूप से प्रेरित है।

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