प्रधानमंत्री मोदी (PM Narendra Modi) की फ्यूल बचाने की अपील के बाद दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने भी बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली पुलिस ने अपने कर्मचारियों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट और Metro के अधिक इस्तेमाल के निर्देश जारी किए हैं। इसके लिए विभाग की ओर से एक विस्तृत गाइडलाइन भी जारी की गई है। गाइडलाइन में गैर-जरूरी सरकारी खर्च और ईंधन की खपत कम करने के लिए कुल 13 उपाय सुझाए गए हैं। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा गया है कि वे जहां संभव हो, निजी और सरकारी वाहनों की बजाय मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें।

इसके अलावा वाहन पूलिंग को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि एक ही रूट पर जाने वाले कर्मचारी साझा वाहन का उपयोग कर सकें। रोजमर्रा की बैठकों को वर्चुअल मोड में आयोजित करने पर भी जोर दिया गया है, जिससे अनावश्यक यात्रा और ईंधन की खपत कम हो सके। गाइडलाइन में VIP काफिलों में वाहनों की संख्या सीमित रखने की भी बात कही गई है। इसके साथ ही सरकारी वाहनों के अनावश्यक उपयोग से बचने और ड्राइवरों को फ्यूल एफिशिएंट ड्राइविंग अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।

दिल्ली पुलिस मुख्यालय की जनरल एडमिनिस्ट्रेशन ब्रांच (GAB) की ओर से जारी निर्देशों में कुल 13 उपाय शामिल किए गए हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, इन उपायों का उद्देश्य गैर-जरूरी वाहनों की आवाजाही कम करना, बिजली की बचत करना और पुलिस फोर्स के सभी जिलों एवं विशेष इकाइयों में सरकारी संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है। बताया गया कि ये सभी निर्देश वरिष्ठ अधिकारियों की मंजूरी के बाद लागू किए गए हैं।

पुलिस उपायुक्त (जनरल एडमिनिस्ट्रेशन ब्रांच) आलाप पटेल द्वारा जारी मेमोरेंडम में सुरक्षा टीमों को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि VIP और VVIP काफिलों में वाहनों की संख्या कम रखी जाए। गाइडलाइन में कहा गया है कि काफिलों में केवल उतनी ही गाड़ियों का इस्तेमाल हो, जितनी वास्तव में आवश्यक हों। इसके अलावा पुलिसकर्मियों को मेट्रो और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के अधिक उपयोग, वाहन पूलिंग अपनाने और रोजमर्रा की बैठकों को वर्चुअल मोड में आयोजित करने के लिए भी कहा गया है। विभाग का मानना है कि इससे ईंधन की खपत कम होगी और सरकारी खर्च में भी कटौती हो सकेगी।

VIP मूवमेंट में कम से कम गाड़ियों का इस्तेमाल

जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक, सुरक्षा टीमें VIP और VVIP लोगों के आने-जाने के दौरान कम से कम गाड़ियों का इस्तेमाल करेंगी। हालांकि, यह भी स्पष्ट किया गया है कि सुरक्षा मानकों में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। दिल्ली पुलिस मुख्यालय की जनरल एडमिनिस्ट्रेशन ब्रांच (GAB) द्वारा जारी गाइडलाइन में जिला पुलिस उपायुक्तों और वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे समय-समय पर वाहनों के पेट्रोल और डीजल खर्च की समीक्षा करें। अधिकारियों से कहा गया है कि वे सरकारी वाहनों का विस्तृत रिकॉर्ड बनाए रखें और यह निगरानी करें कि गाड़ियों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से और कितनी जरूरत के तहत किया जा रहा है। गाइडलाइन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी वाहन केवल आवश्यक परिस्थितियों में ही इस्तेमाल हों और अनावश्यक फिजूलखर्ची पर रोक लगाई जा सके।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट का करें इस्तेमाल

मेमोरेंडम में कहा गया है कि जिन कार्यालयों तक मेट्रो या अन्य सार्वजनिक परिवहन की सुविधा उपलब्ध है, वहां आने-जाने के लिए कर्मचारियों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। खासतौर पर पुलिस मुख्यालय में तैनात कर्मचारियों के लिए इन निर्देशों का पालन करना जरूरी बताया गया है। सर्कुलर में पुलिस स्टेशनों और विभिन्न यूनिट्स में डाक मोटरसाइकिलों और अन्य दोपहिया वाहनों की पूलिंग करने का भी निर्देश दिया गया है। इसका उद्देश्य वाहनों की संख्या कम करना और ईंधन की खपत पर नियंत्रण रखना है। इसके अलावा गाइडलाइन में कहा गया है कि VIP और VVIP मूवमेंट के दौरान कम से कम गाड़ियों का इस्तेमाल किया जाए, हालांकि सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी। जिला पुलिस उपायुक्तों और वरिष्ठ अधिकारियों को वाहनों के पेट्रोल-डीजल खर्च की नियमित समीक्षा करने और उनके उपयोग का रिकॉर्ड रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से करें बैठकें

नई गाइडलाइन के अनुसार, जांच अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि यदि वे एक ही पुलिस स्टेशन, सब-डिवीजन या यूनिट से एक ही स्थान पर जा रहे हों तो जहां तक संभव हो, एक ही वाहन का इस्तेमाल करें। यानी वाहन पूलिंग को अनिवार्य रूप से बढ़ावा दिया जाएगा ताकि अनावश्यक गाड़ियों की आवाजाही कम की जा सके। इसके अलावा रोजमर्रा की बैठकों और समन्वय से जुड़ी कॉन्फ्रेंस को ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। दिल्ली पुलिस का मानना है कि इससे न केवल ईंधन की बचत होगी बल्कि समय और सरकारी संसाधनों का भी बेहतर उपयोग हो सकेगा।

गाड़ियों की सर्विसिंग पर भी जोर

दिल्ली पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि सभी यूनिटें सरकारी गाड़ियों की समय पर सर्विसिंग सुनिश्चित करें। साथ ही वाहनों के टायरों में हवा का सही प्रेशर बनाए रखने, इंजन की ट्यूनिंग ठीक रखने और खराब हो चुके पार्ट्स को तुरंत बदलने के निर्देश दिए गए हैं। गाइडलाइन में यह भी कहा गया है कि पेट्रोल और डीजल सिस्टम की नियमित जांच की जाए ताकि ईंधन की अनावश्यक खपत को रोका जा सके। जिन वाहनों की सर्विसिंग का समय हो चुका है, उन्हें जरूरत से ज्यादा न चलाया जाए। दिल्ली पुलिस ने साफ किया है कि गाड़ियों का सही मेंटेनेंस केवल वाहन की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि तेल की बर्बादी रोकने के लिए भी जरूरी है। विभाग का मानना है कि बेहतर रखरखाव से ईंधन की बचत के साथ-साथ सरकारी खर्च में भी कमी आएगी।

पुलिस मुख्यालय की जनरल एडमिनिस्ट्रेशन ब्रांच (GAB) द्वारा जारी सर्कुलर में कहा गया है कि यदि किसी यूनिट में पेट्रोल-डीजल का खर्च अचानक असामान्य रूप से बढ़ता है, तो उसकी तुरंत जांच की जानी चाहिए। सरकारी संसाधनों का पूरा और प्रभावी उपयोग हो। फोर्स की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए मौजूदा स्टाफ और उपलब्ध सामान का अधिकतम इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया है। सर्कुलर में कागज की खपत कम करने के लिए भी अहम निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों को अनावश्यक प्रिंटिंग से बचने और कंप्यूटर तथा मोबाइल आधारित संवाद को बढ़ावा देने की सलाह दी गई है। दिल्ली पुलिस ने सभी यूनिटों से अधिक से अधिक कागजी कामकाज ऑनलाइन करने को कहा है।

बिजली बचाने पर जोर

16 मई को जारी इस आदेश को सभी जिला और यूनिट प्रमुखों तक भेज दिया गया है, ताकि इसे तुरंत प्रभाव से लागू किया जा सके। गाइडलाइन में सभी अफसरों और कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि जरूरत न होने पर फालतू लाइटें, पंखे और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बंद रखें। इसके अलावा एयर कंडीशनर (AC) का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच बनाए रखने को कहा गया है, ताकि बिजली की अनावश्यक खपत रोकी जा सके। आदेश में साफ तौर पर कहा गया है कि सभी जिला पुलिस उपायुक्त (DCP) और वरिष्ठ अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में इन निर्देशों को लागू करने के लिए आवश्यक नियम बनाएं और यह सुनिश्चित करें कि कर्मचारी इनका पालन करें।

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