नई दिल्ली। रोहिणी कोर्ट (Rohini Court) में वकील के साथ कथित कहासुनी का वीडियो सामने आने के बाद दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। हाई कोर्ट ने जारी आदेश में रोहिणी कोर्ट के जिला जज को दिल्ली न्यायिक अकादमी से अटैच कर दिया है। यह कार्रवाई उस वीडियो के वायरल होने के 2 दिन बाद हुई, जिसमें कथित तौर पर संबंधित जज को कोर्टरूम के अंदर एक वकील के साथ तीखी ज़ुबानी बहस करते हुए देखा गया था। वीडियो सोशल मीडिया (Social Media) पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद न्यायिक हलकों में भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई।

हालांकि, दिल्ली हाई कोर्ट की ओर से जारी आदेश में ट्रांसफर के पीछे किसी विशेष कारण का उल्लेख नहीं किया गया है। लेकिन वीडियो सामने आने के बाद उठे विवाद को इस फैसले से जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, वीडियो में कोर्टरूम के भीतर जज और वकील के बीच किसी मामले को लेकर तीखी बहस होती दिखाई दे रही थी। घटना के बाद वकीलों के बीच भी नाराजगी देखी गई थी।

इस बीच दिल्ली न्यायिक सेवा संघ ने मामले को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए एक निंदा पत्र जारी किया है। संघ ने अदालत की कार्यवाही की कथित रिकॉर्डिंग को अवैध और सुनियोजित कदम बताया। बयान में कहा गया कि वीडियो रिकॉर्डिंग का उद्देश्य अदालतों की छवि खराब करना और न्यायिक अधिकारियों को डराना-धमकाना था। संघ ने इस घटना को न्यायपालिका की स्वतंत्रता और गरिमा पर हमला करार दिया।

संघ ने दिल्ली हाई कोर्ट  से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से वायरल वीडियो हटाने के निर्देश जारी करने की मांग भी की है। उनका कहना है कि अदालत की कार्यवाही को रिकॉर्ड कर सार्वजनिक करना न्यायिक प्रक्रिया और नियमों का उल्लंघन है। अपने बयान में संघ ने संबंधित जिला न्यायाधीश के प्रति एकजुटता भी जताई। उन्होंने कहा कि न्यायाधीश ने पूरी ईमानदारी, निष्पक्षता और स्वतंत्रता के साथ अपना कर्तव्य निभाया है और न्यायपालिका के सम्मान की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है।

राकेश कुमार की जगह लेंगे धीरज मित्तल

दिल्ली हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी आदेश में रोहिणी कोर्ट के जिला न्यायाधीश राकेश कुमार को दिल्ली न्यायिक अकादमी के निदेशक के साथ एक अलग भूमिका में संबद्ध किए जाने का निर्देश दिया गया है। आदेश के अनुसार, इस बदलाव के साथ दिल्ली न्यायिक अकादमी के अतिरिक्त निदेशक धीरज मित्तल का तबादला राकेश कुमार की जगह किया गया है। यानी अब धीरज मित्तल रोहिणी कोर्ट में उनकी जिम्मेदारी संभालेंगे।

सुनवाई टालने की मांग को लेकर तीखी बहस

जानकारी के मुताबिक, यह घटना 15 मई को एक मामले की सुनवाई के दौरान हुई थी, जब बचाव पक्ष के वकील द्वारा सुनवाई टालने की मांग किए जाने पर कोर्टरूम में तीखी बहस हो गई। वायरल हुए कथित वीडियो में राकेश कुमार को अपने पोडियम पर खड़े होकर वकील से नाराजगी भरे अंदाज में बात करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में कोर्टरूम का माहौल तनावपूर्ण नजर आता है। घटना के बाद कोर्ट स्टाफ को जज राकेश कुमार को उनके चैंबर तक ले जाते हुए भी देखा गया।

बार एसोसिएशनों ने की हड़ताल की घोषणा

इस घटना के विरोध में सभी जिला अदालतों की बार एसोसिएशनों की समन्वय समिति ने सोमवार को न्यायिक कार्यों से दूर रहने का ऐलान किया है। इसके चलते दिल्ली की सातों जिला अदालतों में कामकाज प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है। हड़ताल का असर पटियाला, तीस हजारी, कड़कड़डूमा, साकेत, राउज एवेन्यू और रोहिणी समेत सभी जिला अदालतों में देखने को मिल सकता है। जिला अदालतों की बार एसोसिएशनों की समन्वय समिति ने रविवार को आपात बैठक के बाद यह फैसला लिया। समिति के महासचिव विजय बिश्नोई ने बताया कि बैठक में सर्वसम्मति से हड़ताल करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने सभी वकीलों से एकजुट रहकर हड़ताल को सफल बनाने की अपील भी की।

वहीं, धीर सिंह कसाना ने कहा कि यह कदम वकालत पेशे की गरिमा और सम्मान की रक्षा के लिए उठाया गया है। उनका कहना है कि वकीलों की प्रतिष्ठा और अधिकारों की सुरक्षा जरूरी है। दूसरी ओर न्यायिक सेवा संघ ने वकीलों की हड़ताल का विरोध किया है। न्यायिक सेवा संघ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार वकीलों द्वारा न्यायिक कार्य से दूर रहना अवैध है। संघ का कहना है कि अदालतों का कामकाज बाधित होने से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m