चंडीगढ़। हरियाणा की नौकरशाही में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी के कार्यकाल को लेकर नई चर्चाओं ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार से दूसरा सेवा विस्तार (एक्सटेंशन) मांग चुकी है। यदि मंजूरी मिलती है तो रस्तोगी को तीन महीने से लेकर एक वर्ष तक का अतिरिक्त कार्यकाल मिल सकता है।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी का मौजूदा कार्यकाल 30 जून 2026 को समाप्त हो रहा है। इससे पहले भी सरकार उन्हें एक वर्ष का सेवा विस्तार दिला चुकी है। अब दूसरी बार एक्सटेंशन की संभावनाओं ने कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की उम्मीदों पर असर डाल दिया है।
सीएम के भरोसेमंद अफसर माने जाते हैं रस्तोगी
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि अनुराग रस्तोगी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के भरोसेमंद अधिकारियों में गिने जाते हैं। सरकार का मानना है कि कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाएं और प्रशासनिक सुधार कार्यक्रम उनके नेतृत्व में चल रहे हैं, ऐसे में प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने के लिए उनका अनुभव जरूरी है।
कई वरिष्ठ अफसरों की दावेदारी पर पड़ सकता है असर
यदि अनुराग रस्तोगी को दूसरा सेवा विस्तार मिल जाता है तो मुख्य सचिव बनने की उम्मीद लगाए बैठे कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। खासकर 1990 बैच के आईएएस अधिकारी सुधीर राजपाल और डॉ. सुमिता मिश्रा की दावेदारी प्रभावित होने की संभावना है।
सुधीर राजपाल इसी वर्ष 30 नवंबर 2026 को सेवानिवृत्त होंगे, जबकि डॉ. सुमिता मिश्रा 31 जनवरी 2027 को रिटायर होने वाली हैं। ऐसे में सेवा विस्तार मिलने पर दोनों अधिकारियों के मुख्य सचिव बनने की संभावनाएं लगभग समाप्त हो सकती हैं।
सरकार के सामने बड़ा सवाल
सरकार के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रशासनिक स्थिरता को प्राथमिकता दी जाए या वरिष्ठता के आधार पर नए नेतृत्व को अवसर दिया जाए। पिछले डेढ़ वर्ष में राज्य सरकार ने कई बड़े प्रशासनिक और डिजिटल सुधार कार्यक्रम शुरू किए हैं, जिनकी निगरानी सीधे मुख्य सचिव स्तर पर की जा रही है।
डी.एस. मिश्रा का उदाहरण भी चर्चा में
सेवा विस्तार की चर्चाओं के बीच उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा का उदाहरण भी सामने आ रहा है। उन्हें अपने कार्यकाल के दौरान तीन बार सेवा विस्तार मिला था। बताया जा रहा है कि हरियाणा सरकार ने भी केंद्र से अनुराग रस्तोगी के लिए इसी प्रकार विशेष अनुमति का अनुरोध किया है।
अब सभी की नजर केंद्र सरकार के फैसले पर टिकी है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि हरियाणा की नौकरशाही को नया नेतृत्व मिलेगा या फिर अनुराग रस्तोगी ही प्रशासनिक कमान संभाले रखेंगे।

