दुर्गेश राजपूत, नर्मदापुरम। ज्येष्ठ अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) की सोमवती अमावस्या पर सोमवार को नर्मदा नदी के घाटों पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पंचांग के अनुसार आज अमावस्या, सूर्य संक्रांति और अधिकमास का एक दुर्लभ महासंयोग बना है। इस विशेष पुण्य लाभ को कमाने के लिए सुबह 5 बजे से ही लाखों श्रद्धालुओं ने नर्मदा नदी में डुबकी लगाई।

​मेले जैसा माहौल रविवार शाम से ही बनने लगा था, जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु सेठानी घाट पहुंचने लगे। रातभर घाटों पर श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन गाकर जागरण किया। इसके बाद सोमवार सुबह सूर्योदय के साथ ही मुख्य स्नान का सिलसिला शुरू हुआ। सेठानी घाट के अलावा विवेकानंद घाट, गोंदरी घाट और पर्यटन घाट पर भी पैर रखने की जगह नहीं थी। इस पावन पर्व पर केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि भोपाल, विदिशा, बैतूल, छिंदवाड़ा और महाराष्ट्र के नागपुर से भी भारी संख्या में लोग पहुंचे हैं।

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पंडित शुभम दीक्षित ने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस महासंयोग पर नर्मदा स्नान और दान-पुण्य करने से अनंत फल की प्राप्ति होती है। घाटों पर स्नान के बाद श्रद्धालु विधि-विधान से पूजा-पाठ और संकल्प लेकर दान कर रहे हैं। भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।

राजस्व अधिकारियों के साथ पुलिस और होमगार्ड के जवानों की बड़ी टीम तैनात की गई है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए गहरे पानी में जाने पर पूरी तरह रोक लगाई गई थी। सेठानी घाट पर लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार अनाउंसमेंट कर श्रद्धालुओं को सचेत और सुरक्षित रहने की हिदायत दी गई।

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