कतर के प्रमुख गैस संयंत्र रास लफ्फान में हुए भीषण विस्फोट में भारतीय नागरिकों समेत कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 66 अन्य घायल हो गए। यह हादसा रविवार रात उस समय हुआ, जब कई महीनों से बंद पड़े प्लांट को दोबारा चालू करने की प्रक्रिया चल रही थी। अधिकारियों के अनुसार, अभी भी 18 लोग लापता हैं और उनकी तलाश के लिए बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान जारी है।
भारतीय दूतावास ने जारी की आपातकालीन हेल्पलाइन
घटना के बाद दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों की सहायता के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन शुरू की है। हालांकि दूतावास ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि मृतकों में कितने भारतीय शामिल हैं।
दूतावास ने नागरिकों से किसी भी सहायता के लिए +974-55647502, +974-55384683 पर संपर्क करने या [email protected] पर ईमेल भेजने की अपील की है। दूतावास ने कहा है कि वह स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
ऊर्जा मंत्री ने की हादसे की पुष्टि
कतर के ऊर्जा मंत्री साद शेरिडा अल-काबी ने सोमवार को विस्फोट की पुष्टि की। अधिकारियों के मुताबिक, राहतकर्मी मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं और घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है।
रीस्टार्ट प्रक्रिया के दौरान हुआ हादसा
कतर की सरकारी ऊर्जा कंपनी कतरएनर्जी के अनुसार, विस्फोट प्लांट की रीस्टार्ट प्रक्रिया के दौरान हुआ। शुरुआती जांच में इसे औद्योगिक दुर्घटना माना जा रहा है, हालांकि दुर्घटना के सटीक कारणों की विस्तृत जांच जारी है।
ईरानी हमलों के बाद बंद था प्लांट
रास लफ्फान गैस संयंत्र को मार्च में ईरानी मिसाइल हमलों के बाद बंद कर दिया गया था। इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़े क्षेत्रीय तनाव का भी उत्पादन पर असर पड़ा था। हाल के दिनों में हालात सामान्य होने के बाद गैस उत्पादन फिर से शुरू करने की तैयारी चल रही थी।
रास लफ्फान कतर की सबसे महत्वपूर्ण गैस सुविधाओं में गिना जाता है। यह संयंत्र देश के बिजली उत्पादन और समुद्री जल को पेयजल में बदलने वाले संयंत्रों को गैस आपूर्ति करता है। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
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