सूरत। मुख्यमंत्री मातृशक्ति योजना के तहत गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को वितरित करने के लिए भेजा गया पौष्टिक आहार (चना और तुअर दाल) गंभीर लापरवाही की भेंट चढ़ गया। पांडेसरा क्षेत्र की 25 से अधिक आंगनबाड़ियों में एक्सपायरी डेट खत्म हो चुका राशन भेज दिया गया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा सामान की जांच के दौरान इस गड़बड़ी का खुलासा हुआ, जिसके बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया और गोदाम पर हंगामा शुरू हो गया।

तापी जिले से मंगाया गया था स्टॉकल

सूरत गोदाम में चने की कमी होने के कारण तापी जिले के डोलवण-व्यारा गोदाम से अतिरिक्त स्टॉक मंगाया गया था। यह स्टॉक 17 जून 2026 को सूरत पहुंचा। गोदाम प्रबंधन का कहना है कि समय पर इंडेंट (मांग पत्र) न मिलने के कारण सामान गोदाम में ही पड़ा रहा। बाद में उपलब्ध इसी स्टॉक को FPS (फेयर प्राइस शॉप) दुकानों के माध्यम से 24 से 30 जून के बीच आंगनबाड़ियों तक पहुंचा दिया गया।

ICDS ने मांगा स्पष्टीकरण

मामले की गंभीरता को देखते हुए एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS) विभाग ने सचिन, नवागाम और रांदेर गोदाम प्रबंधकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। ICDS ने सवाल उठाया है कि जून-2026 की एक्सपायरी डेट वाला राशन जून के अंतिम दिनों में क्यों बांटा गया?

तारीखों में दिखा भारी अंतर

मामले की जांच के दौरान ICDS विभाग और आंगनवाड़ी स्तर के आंकड़ों में विरोधाभास देखने को मिला है: