सतीश सिंह, लखनऊ. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत द्वारा अमेरिका दौरे के दौरान भारत की अनेकता में एकता को लेकर दिए गए बयान पर बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने हमला बोला है. मायावती ने कहा कि भारत में जातिवाद व असमानता के साथ ही आरक्षण के संवैधानिक अधिकार आदि के मामलों में आरएसएस की कथनी-करनी में जमीन-आसमान का अंतर होने के कारण विश्वसनीयता का अभाव है. जिसके चलते यह संगठन काफी पुराना होने के बावजूद वह मान्यता सम्मान अर्जित नहीं कर पाया है जो चाहते हैं.

गुरुवार को पार्टी की ऑल इंडिया की हुई बैठक में मायावती ने पिछले दिये गये कार्यों की समीक्षा व उनकी कमियों को दूर करने की हिदायत दी. बैठक के बाद मायावती ने कहा कि आरएसएस के लोग संविधान में अपनी पूरी आस्था व निष्ठा रखते हुये उस पर खुद ईमानदारी से अमल करें और उसी के हिसाब से अपने लोगों को अमल करने को बाध्य भी करें तो यह पूरी तरह से देश व जनहित में होगा. इससे देश अवश्य ही अपार गरीबी, बेरोज़गारी, अशिक्षा को दूर करके विकास की ओर तेज़ी से अग्रसर होगा जो कि संविधान का मुख्य उद्देश्य भी है. जिसके लिये बी.एस.पी. की स्थापना की गयी है.

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कांग्रेस जबरदस्त दलित विरोधी

मायावती ने कहा कि अन्य पार्टियों की तरह कांग्रेस पार्टी तो हर मामले में जबरदस्त दलित व अम्बेडकर विरोधी पार्टी है. जिसका इतिहास किसी से छिपा नहीं है. ऐसी स्थिति में अब पार्टी ने पूरे देश में सभी छोटे-बड़े चुनाव अकेले ही लड़ने का फैसला लिया है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस समय दुनिया के कई भागों में जारी जंग तथा उसके फलस्वरूप तेज़ी से बदलते हुये संगीन हालात व सुरक्षा उपायों आदि में भी भारत की अपनी नीति / रणनीति मज़बूत होनी चाहिये. मायावती ने कहा कि देश में आए दिन बढ़ रही महंगाई व कुदरती हो रही मार भी काफी चिन्ताजनक है. साथ ही, वर्तमान में जेन-जी (Gen-Z) व जेन-अल्फा (Gen-Alpha) आदि की भी चल रही गम्भीर समस्याओं को दूर करना बहुत ज़रूरी है. उन्होंने कहा कि राज्यों के साथ-साथ खासकर केन्द्र सरकार भी इन सब मामलों को गम्भीरता से ले, तो यह देश व जनहित में उचित होगा.

मेच्योर होने तक आकाश को बड़ी जिम्मेवारी देना उचित नहीं

मायावती ने कहा कि बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक मान्यवर कांशीराम के संकल्प व समर्पण की तरह ही, मेरे लिये भी बहुजन समाज’ का हित सर्वोपरि है. इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिये निजी तौर पर मेरा ना तो कोई अपना है और ना ही पराया. जो भी बी.एस.पी व बहुजनों के हित के काम करेगा उसका स्वागत है. मायावती ने कहा कि जिस तरह कांशीराम ने अपने परिवार के लोगों व अन्य रिश्तों-नातों आदि को पार्टी कार्य में सहयोग करने की छूट तो दी थी, किन्तु उन्हें चुनाव लड़ाने या सरकार बनने पर कोई भी पद आदि देने के वे खिलाफ थे. उसी प्रकार से उस संकल्प पर मैं भी पूरी तरह से कायम हूँ. मायावती ने कहा कि मैंने आकाश आनन्द को पार्टी में कार्य करने की तो इजाजत दी है, जो हकीकत आप सभी लोगों के सामने है. लेकिन इस मामले में आकाश आनन्द को अभी और अधिक परिपक्व मैच्योर होने की जरुरत है. तब तक इनको पार्टी की अभी बड़ी जिम्मेवारी देना उचित नहीं होगा. जो कि विरोधियों के साम, दाम, दण्ड, भेद आदि हथकण्डों को इस्तेमाल करके चुनाव में हानि पहुँचाने से बचने के लिये भी समय की जरूरत है.

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9 अक्टूबर को कांशीराम की पुण्यतिथि पर खुली संगोष्ठी करने का निर्देश

बैठक में मायावती ने आगामी 9 अक्टूबर को कांशीराम की पुण्यतिथि पर यूपी में प्रदेश स्तर पर तथा बाकी राज्यों में ज़ोन स्तर पर खुली संगोष्ठी के कार्यक्रम को आयोजित करने के निर्देश देते हुये कहा कि इन कार्यक्रमों को बी.एस.पी. के प्रदेश व मुख्य ज़ोन प्रभारी आदि मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. जबकि बी.एस.पी. दिल्ली प्रदेश के सभी लोग नई दिल्ली गुरुद्वारा रकाबगंज रोड पर स्थित ‘बहुजन समाज प्रेरणा स्थल पर लोग अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे. इसके साथ-साथ हर वर्ष की तरह बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष के जन्मदिन के मौके पर पार्टी को आर्थिक सहयोग देने के लिए भी ज़रूरी दिशा-निर्देश दिये गये, जिस पर पार्टी के लोगों ने अपनी सहमति भी जताई.