सतीश सिंह, लखनऊ. बसपा प्रमुख मायावती ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय उचित है, हालांकि इसे पहले ही ले लिया जाता तो बेहतर होता. उन्होंने केंद्र सरकार से जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं पर बल प्रयोग करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.

मायावती ने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में कहा कि जिन पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शन कर रहे निहत्थे छात्र-छात्राओं पर लाठीचार्ज किया और उन्हें गंभीर रूप से घायल किया. उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने विशेष रूप से उन पुरुष पुलिसकर्मियों पर अनुशासनात्मक और आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग की, जिन पर छात्राओं के साथ बदसलूकी और बल प्रयोग के आरोप हैं.

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बसपा प्रमुख ने यह भी कहा कि आंदोलनकारी छात्रों और युवाओं के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर और शिकायतें वापस ली जानी चाहिए, ताकि उनके भविष्य पर कोई प्रतिकूल असर न पड़े और उन्हें थानों और अदालतों के चक्कर न लगाने पड़ें.

मायावती ने आंदोलनकारियों से भी अपील की कि वे अपने आंदोलन का किसी भी राजनीतिक दल को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल न करने दें और अपने भविष्य को प्राथमिकता दें. उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण का समाधान संवेदनशीलता और न्यायपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए, जिससे देश में सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहे.